चार लाख का सहारा, लाखों सपनों को पंख: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से बदली बिहार के युवाओं की तकदीर
• बीटेक, एमबीबीएस से फैशन डिजाइनिंग और मास कम्युनिकेशन तक मिला मजबूत आधार
शून्य ब्याज पर चार लाख तक का ऋण
योजना के तहत छात्र-छात्राओं को शून्य ब्याज पर चार लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस सहयोग से युवाओं ने बीटेक, एमबीबीएस, मैनेजमेंट, फैशन डिजाइनिंग और मास कम्युनिकेशन जैसे प्रोफेशनल कोर्स पूरे किए हैं। अब बिहार के छात्र देश ही नहीं, विदेशों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं।
बीटेक से विदेश तक का सफर
पटना निवासी विशाल वैभव ने योजना का लाभ लेकर वेल्लोर इंस्टिट्यूट आफ़ टेक्नोलॉजी(बीआईटी वेल्लोर) से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के बाद 2024 में अमेरिका के टेक्सास और 2025 में लंदन में एक वैश्विक ऊर्जा प्रौद्योगिकी कंपनी में अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
वे बताते हैं कि कॉलेज की सेमेस्टर फीस चुकाने में यह योजना उनके लिए निर्णायक साबित हुई। पटना के डीआरसीसी कार्यालय से ऋण स्वीकृत होने के बाद उनका करियर नई दिशा में बढ़ा।
निफ्ट तक पहुंचा सपना
सुमन कुमार का सपना था फैशन डिजाइनर बनने का, लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति राह में बाधा बन रही थी। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना ने उन्हें संबल दिया और आज वे National Institute of Fashion Technology (निफ्ट), शिलांग में फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई कर रहे हैं।
वे कहते हैं, “अगर यह योजना न होती तो शायद मेरा सपना अधूरा रह जाता।”
मास कम्युनिकेशन से सिविल सेवा की तैयारी
पटना की श्रेया सिन्हा ने इस योजना की मदद से St. Xavier’s College से मास कम्युनिकेशन में उच्च शिक्षा हासिल की। पढ़ाई पूरी होते ही उन्हें प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से प्रस्ताव मिले। फिलहाल वे सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही हैं और मानती हैं कि आर्थिक सहयोग ने उन्हें आत्मविश्वास दिया।
शिक्षा से आत्मनिर्भरता की ओर
‘सात निश्चय’ के तहत संचालित यह योजना केवल ऋण नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर एक मजबूत कदम है। आर्थिक बाधाओं को पार कर शिक्षा हासिल करने वाले युवा अब रोजगार, उद्यम और वैश्विक अवसरों की ओर बढ़ रहे हैं।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना ने यह साबित कर दिया है कि सही समय पर मिला सहयोग, किसी भी सपने को हकीकत में बदल सकता है।







