‘सुधा से ग्लोबल मार्केट तक’: CII के साथ करार से बिहार का डेयरी सेक्टर करेगा बड़ी छलांग
‘सात निश्चय’ को मिलेगी रफ्तार
कार्यक्रम में मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि यह साझेदारी मुख्यमंत्री के ‘सात निश्चय’ विजन को मजबूत करेगी। इसका मकसद टिकाऊ डेयरी फार्मिंग को बढ़ावा देना और किसानों को बाजार से जोड़कर उनकी आय में वास्तविक बढ़ोतरी करना है।
गांव-गांव डेयरी नेटवर्क का विस्तार
इस योजना के तहत राज्य के 24,248 गांवों में डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी बनाई जाएंगी, जबकि 8,053 पंचायतों में ‘सुधा केंद्र’ खोले जाएंगे। इससे दूध संग्रहण और वितरण की व्यवस्था और मजबूत होगी।
किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने बताया कि डेयरी संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने, पशुओं के नस्ल सुधार और तकनीकी सहायता के जरिए किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही हर पंचायत में पशु सहायकों की नियुक्ति कर जमीनी स्तर पर सहायता सुनिश्चित की जाएगी।
बिहार का दूध अब देश-विदेश तक
अब तक बिहार का डेयरी नेटवर्क मुख्य रूप से पूर्वोत्तर और झारखंड तक सीमित था, लेकिन इस साझेदारी के बाद इसे पूर्वी उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत बड़े बाजारों तक फैलाने की योजना है। CII मार्केटिंग और रणनीति के स्तर पर सहयोग देगा, जिससे बिहार के डेयरी उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बना सकें।
यह करार बिहार के डेयरी सेक्टर के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकता है, जो किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ राज्य को डेयरी हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।







