Newshaat_Logo

गंडक का पानी तेजी से घटा, लेकिन लालगंज में खतरा बरकरार! अगले 24 घंटे में क्या होगा?

Bihar Flood:  बिहार में गंडक नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है, जिससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत की उम्मीद बढ़ी है. सारण के रेवाघाट में नदी अब खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर नीचे आ गई है. हालांकि, वैशाली के लालगंज में गंडक अभी भी खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. जल संसाधन विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में लालगंज में भी नदी के खतरे के निशान से नीचे जाने की संभावना है.
 
RANCHI

Patna:  बिहार में गंडक नदी की फ्लैश फ्लड के बाद अब राहत की खबर सामने आई है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक नदी का जलस्तर कई इलाकों में तेजी से नीचे आ रहा है। सारण के रेवाघाट में गंडक का जलस्तर अपने उच्चतम स्तर से 177 सेंटीमीटर नीचे आ गया है और अब यह खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। विभाग के अनुसार यहां बाढ़ की स्थिति सामान्य हो गई है।

हालांकि, वैशाली के लालगंज में अभी भी गंडक खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पिछले कुछ समय में यहां नदी का जलस्तर करीब 130 सेंटीमीटर घटा है। जल संसाधन विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे में लालगंज में भी गंडक खतरे के निशान से नीचे आ सकती है।

बाढ़ के दौरान लापरवाही पर 7 अभियंता निलंबित

गंडक में आई अभूतपूर्व बाढ़ के दौरान कई स्थानों पर तटबंधों को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद राहत, बचाव और तटबंध सुरक्षा कार्य में कथित लापरवाही के आरोपों की जांच शुरू की गई।

जल संसाधन विभाग ने मामले में 8 अभियंताओं के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की है। इनमें से 7 अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता कुमार मनोज गुप्ता के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

इन 7 अभियंताओं पर हुई कार्रवाई

बिहार में बाढ़ के बीच बड़ा एक्शन... लापरवाही पर जल संसाधन विभाग ने 7  इंजीनियरों को किया सस्पेंड, चीफ इंजीनियर पर विभागीय कार्रवाई - gandak river  flood ...

निलंबित अभियंताओं में छपरा और गोपालगंज में तैनात अधिकारी शामिल हैं।

  • संतोष कुमार प्रभाकर — कार्यपालक अभियंता, छपरा
  • मो. साजिद इकबाल — कार्यपालक अभियंता, गोपालगंज
  • सुनील कुमार — सहायक अभियंता, छपरा
  • विनोद कुमार — सहायक अभियंता, छपरा
  • मो. जावेद अंसारी — सहायक अभियंता, गोपालगंज
  • चंद्रशेखर कुमार — कनीय अभियंता, छपरा
  • विकास कुमार — कनीय अभियंता, गोपालगंज

इसके अलावा मुख्य अभियंता कुमार मनोज गुप्ता के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

नेपाल और यूपी की भारी बारिश से बढ़ा गंडक का जलस्तर

जल संसाधन विभाग के अनुसार गंडक में अचानक भारी जलस्राव के पीछे नेपाल और उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश बड़ी वजह रही। नेपाल के देवघाट में गंडक का जलस्तर ऐतिहासिक उच्चतम स्तर को पार कर गया था।

इसके असर से बिहार में भी गंडक ने कई स्थानों पर पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। बगहा, डुमरियाघाट, रेवाघाट और लालगंज में नदी का नया उच्चतम जलस्तर दर्ज किया गया। तेज बहाव के कारण कई जगह तटबंधों को भी नुकसान पहुंचा।

अभियंताओं पर क्या लगाए गए आरोप?

विभागीय आकलन के मुताबिक कुछ स्थानीय अभियंताओं पर आपात स्थिति में अपेक्षित कार्रवाई नहीं करने का आरोप है। विभाग के अनुसार ब्रीच वाले स्थानों पर कट-एंड को सुरक्षित करने के लिए समय पर पर्याप्त मटेरियल और मैनपावर नहीं लगाया गया।

अधिकारियों पर स्थानीय संसाधनों को समय पर नहीं जुटाने, मटेरियल मैनेजमेंट में लापरवाही बरतने और स्थानीय लोगों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय नहीं रखने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।

तटबंधों पर अब दबाव नहीं

फिलहाल जल संसाधन विभाग का कहना है कि गंडक का जलस्तर घटने के बाद तटबंधों पर अब दबाव नहीं है। विभाग के मुताबिक सीपेज या पाइपिंग जैसी समस्या भी सामने नहीं है।

ब्रीच वाले स्थानों पर पर्याप्त फ्लड फाइटिंग मटेरियल जमा कराया जा रहा है और कट-एंड को सुरक्षित करने का काम जारी है। संवेदनशील स्थानों की टैगिंग भी की जा रही है।

तटबंधों की सुरक्षा के लिए बढ़ाए गए संसाधन

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग के मुख्यालय पटना के अलावा दूसरे जिलों से भी आवश्यक संसाधन भेजे गए हैं। अतिरिक्त अभियंताओं की तैनाती भी की गई है।

विभाग की टीमें फिलहाल तटबंधों की सुरक्षा, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत और बाढ़ के बाद की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। रेवाघाट में स्थिति सामान्य होने के बाद अब प्रशासन की नजर लालगंज पर है, जहां अगले 24 घंटे में जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आने की उम्मीद जताई गई है।