बिहार के सबसे बड़े निजी पावर प्रोजेक्ट का निरीक्षण: पीरपैंती पहुंचे गौतम अदाणी, 2400 मेगावाट प्लांट से बदलेगी तस्वीर
27 हजार करोड़ का मेगा निवेश
अदाणी समूह पीरपैंती प्रखंड में लगभग 27 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2400 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट स्थापित कर रहा है। इसे पिछले कई दशकों में बिहार में किसी निजी औद्योगिक समूह द्वारा किया जा रहा सबसे बड़ा निवेश माना जा रहा है।
यह परियोजना सिरमतपुर और आसपास की करीब 479 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जा रही है। गंगा नदी, नेशनल हाईवे और पीरपैंती रेलवे स्टेशन की नजदीकी इसे लॉजिस्टिक दृष्टि से मजबूत बनाती है। फिलहाल साइट पर चहारदीवारी निर्माण और भूमि समतलीकरण का कार्य जारी है। परियोजना को पांच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा
निर्माण चरण में 10 से 12 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है, जबकि प्लांट शुरू होने के बाद करीब 3000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिल सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से बिहार की बिजली उत्पादन क्षमता मजबूत होगी और क्षेत्रीय उद्योग, बुनियादी ढांचे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
वृक्षारोपण और स्थानीय संवाद
निरीक्षण के दौरान गौतम अदाणी ने पीरपैंती में वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लिया। इसके बाद गोड्डा पावर प्लांट परिसर में छात्राओं द्वारा उनका स्वागत किया गया। उन्होंने स्थानीय किसानों से मुलाकात कर परियोजना से जुड़ी संभावनाओं पर चर्चा की और वहां भी पौधारोपण किया।
यह दौरा केवल परियोजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बिहार और झारखंड में निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर सकारात्मक संकेत भी दे गया।







