Gaya Laser Show: लेजर किरणों में दिखेगी गयाजी की गाथा! सीता-दशरथ पिंडदान की कथा होगी जीवंत
गया से धीरज सिन्हा की रिपोर्ट
Gayaji: पितृपक्ष मेला के अवसर पर गयाजी आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को शहर की धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता से रूबरू कराने के लिए फल्गु नदी के देवघाट पर लेजर लाइट शो की शुरुआत की गई है। आधुनिक तकनीक और रंग-बिरंगी रोशनी के जरिए इस शो में गयाजी की पौराणिक महत्ता, फल्गु नदी का धार्मिक महत्व और माता सीता द्वारा राजा दशरथ के पिंडदान से जुड़ी धार्मिक कथा को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा।

लेजर लाइट शो का उद्घाटन मगध प्रमंडल की आयुक्त डॉ. सफीना एएन, मगध रेंज के आईजी विकास वैभव, मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान, नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार तथा पूर्व डिप्टी मेयर एवं सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया।
आधुनिक तकनीक से दिखाई जाएगी गयाजी की धार्मिक विरासत
फल्गु देवघाट पर शुरू किए गए इस लेजर शो में आधुनिक लाइटिंग तकनीक के माध्यम से गयाजी की धार्मिक और पौराणिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। शो में फल्गु नदी की महत्ता, गयाजी में पिंडदान की परंपरा और माता सीता द्वारा राजा दशरथ के पिंडदान से जुड़ी मान्यता को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।

इसके अलावा भगवान विष्णु के चरणचिह्न और गयाजी से जुड़ी अन्य धार्मिक मान्यताओं को भी आकर्षक दृश्य प्रस्तुति के माध्यम से दिखाया जाएगा।
पितृपक्ष में देश-विदेश से पहुंचते हैं श्रद्धालु
पितृपक्ष के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए गयाजी पहुंचते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु यहां आते हैं। ऐसे में देवघाट पर शुरू किया गया यह लेजर लाइट शो श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ-साथ गयाजी की पौराणिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को समझने का एक नया माध्यम उपलब्ध कराएगा।
शाम के समय फल्गु तट पर रंग-बिरंगी रोशनी के बीच होने वाला यह शो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। इससे फल्गु तट के सौंदर्य में भी इजाफा होने की उम्मीद है।
‘पितृपक्ष केवल पिंडदान और तर्पण तक सीमित नहीं’
मेयर ने कहा कि पितृपक्ष मेला केवल पिंडदान और तर्पण का आयोजन नहीं है, बल्कि यह गयाजी की प्राचीन धार्मिक परंपराओं और संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। फल्गु देवघाट पर लेजर लाइट शो इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से गयाजी की धार्मिक विरासत को श्रद्धालुओं के सामने प्रस्तुत करने से यहां आने वाले लोगों को शहर की परंपराओं और मान्यताओं को समझने का एक अलग अनुभव मिलेगा।
‘सनातन धर्म की प्राचीन तीर्थस्थली है गयाजी’
पूर्व डिप्टी मेयर एवं सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि गयाजी केवल पिंडदान की भूमि नहीं, बल्कि सनातन धर्म की अत्यंत प्राचीन और महत्वपूर्ण तीर्थस्थली है।
उन्होंने कहा कि फल्गु नदी के देवघाट पर शुरू किया गया लेजर लाइट शो श्रद्धालुओं को आधुनिक तकनीक के जरिए गयाजी की धार्मिक और पौराणिक महत्ता समझाने का प्रयास है। शो में भगवान विष्णु के चरणचिह्न, फल्गु नदी की महत्ता और माता सीता द्वारा राजा दशरथ के पिंडदान की कथा को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु इस प्रस्तुति के माध्यम से गयाजी की धार्मिक परंपराओं और इतिहास को करीब से समझ सकेंगे। साथ ही, शाम के समय होने वाला लेजर शो फल्गु तट के सौंदर्य को बढ़ाएगा और तीर्थयात्रियों के लिए एक विशेष अनुभव बनेगा।
श्रद्धालुओं के लिए नया आकर्षण बना देवघाट
पितृपक्ष के दौरान गयाजी में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए देवघाट पर शुरू किया गया लेजर लाइट शो धार्मिक पर्यटन को भी नया आयाम दे सकता है। धार्मिक कथाओं और स्थानीय विरासत को दृश्य माध्यम से प्रस्तुत किए जाने से श्रद्धालुओं को गयाजी की परंपराओं को जानने और समझने का अवसर मिलेगा।







