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बिहार के युवाओं के लिए खुशखबरी, रेल फैक्ट्री प्रोजेक्ट से बदलेगा रोजगार का परिदृश्य..फैक्ट्री लगाए जाने की तैयारी...हजारों नौकरियां संभव

बिहार के लिए बड़ी औद्योगिक और रोजगार से जुड़ी खुशखबरी सामने आई है. लंबे समय से प्रतीक्षित डालमियानगर में रेल वैगन मरम्मत कारखाने के निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है. करीब 403.20 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर जल्द ही काम शुरू होने जा रहा है. इसके लिए भारतीय रेलवे के डीडीयू रेल मंडल और राइट्स ने आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस परियोजना को बिहार के औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
 
BIHAR

Rail Factory In Bihar: बिहार के लिए बड़ी औद्योगिक और रोजगार से जुड़ी खुशखबरी सामने आई है. राज्य में करोड़ों रुपये की लागत से एक नई रेल फैक्ट्री स्थापित की जाएगी, जिससे हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है. इस परियोजना को बिहार के औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

युवाओं के लिए बनेगा रोजगार का अवसर 

डीडीयू रेल मंडल के डीआरएम उदय मीणा के अनुसार, यह परियोजना बिहार के युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा केंद्र साबित होगी. कारखाना शुरू होने से न केवल प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि आसपास स्पेयर पार्ट्स निर्माण, पेंटिंग, वेल्डिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे छोटे उद्योगों का भी तेजी से विकास होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी.

रेल बजट 2026-27 में इस परियोजना के लिए 403.20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. यह कारखाना रेलवे द्वारा अधिग्रहित लगभग 219 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा. परियोजना का क्रियान्वयन राइट्स द्वारा किया जा रहा है, जिससे इसके समयबद्ध पूरा होने की उम्मीद है.

कहां लगेगी फैक्ट्री?

फैक्ट्री बिहार के किसी औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित की जाएगी। स्थान चयन को लेकर अंतिम प्रक्रिया चल रही है। सरकार का दावा है कि इससे आसपास के जिलों के युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार मिलेगा।

यह परियोजना Bihar के औद्योगिक नक्शे को मजबूत करेगी।

रोजगार के बड़े अवसर

इस रेल फैक्ट्री से:

  • हजारों युवाओं को सीधे रोजगार
  • ट्रांसपोर्ट, सप्लाई और सर्विस सेक्टर में अप्रत्यक्ष नौकरी
  • आईटीआई, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग युवाओं को फायदा मिलने की संभावना है.

अधिकारियों के अनुसार, डालमियानगर की भौगोलिक स्थिति और मजबूत रेल नेटवर्क से जुड़ाव इस कारखाने के संचालन के लिए बेहद अनुकूल है. इस घोषणा से स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में उत्साह का माहौल है.

गौरतलब है कि डालमियानगर कभी देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र हुआ करता था, लेकिन 1984 में उद्योग बंद होने के बाद यहां वीरानी छा गई. वर्ष 2007 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने इस भूमि का अधिग्रहण कराया था और 2009 में इसका शिलान्यास हुआ था. हालांकि, प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही.

अब इसे मिशन मोड में पूरा करने की दिशा में काम तेज कर दिया गया है. पहलेजा रेलवे स्टेशन से कारखाना स्थल तक नया रेलवे फ्लाईओवर और ट्रैक बनाया जा रहा है, जिससे वैगनों को मरम्मत के लिए आसानी से वर्कशॉप तक लाया जा सके. यह क्षेत्र पुराने जीटी रोड के पास स्थित है, जो लॉजिस्टिक्स के लिहाज से इसे और भी उपयुक्त बनाता है. परियोजना के पूरा होने के बाद डालमियानगर और डेहरी के आसपास आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों की मांग में तेजी आने की संभावना है. भूमि समतलीकरण का कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है और अब मुख्य ढांचागत निर्माण कार्य शुरू होने की प्रक्रिया में है. Rail Factory In Bihar: