राजस्व कर्मियों की हड़ताल पर सरकार सख्त, अंचल कार्यालय बंद नहीं होंगे- वैकल्पिक व्यवस्था के आदेश
अंचल कार्यालयों में प्रभारी अधिकारी तैनात होंगे
विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि अंचल कार्यालयों का काम प्रभावित न हो। इसके लिए अंचल मुख्यालय में पदस्थ वरीयतम हल्का कर्मचारी को प्रभारी अंचल अधिकारी (सीओ) का जिम्मा दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अनुमंडल पदाधिकारी (RDO) और भूमि सुधार उपसमाहर्ता (DCLR) को भी अंचल का प्रभार सौंपा जा सकता है, ताकि सोमवार और शुक्रवार को लगने वाले जनता दरबार सुचारू रूप से चलते रहें।
हड़ताल पर जाने वालों पर कार्रवाई
हड़ताल में शामिल होने वाले अंचल अधिकारियों और राजस्व पदाधिकारियों के खिलाफ विभाग ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे अधिकारियों से उनके डिजिटल सिग्नेचर (डोंगल) और सरकारी वाहन वापस ले लिए जाएंगे। साथ ही अंचल कार्यालयों में रखे राजस्व अभिलेखों के बक्सों और अलमारियों की चाबियां भी प्रशासन अपने कब्जे में लेगा।
‘नो वर्क नो पे’ का नियम लागू
सरकार ने साफ कर दिया है कि हड़ताल की अवधि को ‘नो वर्क नो पे’ के तहत माना जाएगा, यानी काम नहीं तो वेतन नहीं। विभाग ने यह भी कहा है कि 2 फरवरी से बिहार विधानमंडल का बजट सत्र शुरू हो रहा है। ऐसे में ‘ई-मापी’ और ‘परिमार्जन प्लस’ जैसे महत्वपूर्ण अभियानों के दौरान अंचल कार्यालयों का खाली रहना जनहित के खिलाफ है।
सरकार का कहना है कि राजस्व से जुड़े काम आम जनता से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए किसी भी हाल में सेवाएं बाधित नहीं होने दी जाएंगी।







