8–14% वसूली पर सख्त वार! 40 परिवहन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस, तीन दिन में जवाब अनिवार्य
मंत्री की समीक्षा के बाद सख्ती
परिवहन मंत्री Shravan Kumar ने हाल ही में विभागीय समीक्षा बैठक में डीटीओ, एडीटीओ, एमवीआई और ईएसआई के कार्यों को असंतोषजनक बताया था। तब दो महीने में सुधार का समय दिया गया था, लेकिन तय अवधि बीतने के बाद भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा।
मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि आगे अधिकारियों की पदस्थापना और प्रतिनियुक्ति उनके कार्य-प्रदर्शन के आधार पर ही तय होगी।
किन जिलों में सबसे खराब प्रदर्शन?
विभागीय आंकड़ों के अनुसार कई जिलों में राजस्व लक्ष्य का महज 8–14% ही हासिल हो सका है। उदाहरण के तौर पर:
• भागलपुर – 200 लाख लक्ष्य, वसूली सिर्फ 8%
• छपरा – 400 लाख लक्ष्य, वसूली 8.2%
• मधुबनी – 200 लाख लक्ष्य, वसूली 8.6%
• मुजफ्फरपुर – 300 लाख लक्ष्य, वसूली 9.2%
• पटना – 41 लाख लक्ष्य, वसूली 10%
• सीतामढ़ी – 160 लाख लक्ष्य, वसूली 10%
• किशनगंज – 150 लाख लक्ष्य, वसूली लगभग 12%
• अरवल – 150 लाख लक्ष्य, वसूली 14.6%
रोहतास, समस्तीपुर समेत कई अन्य जिलों की स्थिति भी लक्ष्य से काफी पीछे बताई जा रही है।
किन-किन स्तर के अधिकारी दायरे में?
नोटिस पाने वालों में 10 डीटीओ, 10 एडीटीओ, कई मोटर यान निरीक्षक (एमवीआई) और प्रवर्तन अवर निरीक्षक (ईएसआई) शामिल हैं।
डीटीओ स्तर पर भागलपुर, छपरा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पटना, सीतामढ़ी, किशनगंज, अरवल, रोहतास और समस्तीपुर जैसे जिले शामिल हैं।
एडीटीओ, एमवीआई और ईएसआई स्तर पर भी किशनगंज, मधुबनी, पटना, वैशाली, भोजपुर, सिवान, मोतिहारी, गया, नवादा, बेतिया, बक्सर, सुपौल, मधेपुरा, लखीसराय आदि जिलों के अधिकारी नोटिस के दायरे में आए हैं।
आगे क्या होगा?
विभाग ने संकेत दिया है कि आगामी 15 दिनों में फिर से समीक्षा की जाएगी। साथ ही, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन निबंधन और अन्य लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी है, ताकि राजस्व संग्रह में सुधार हो सके।
स्पष्ट है कि इस बार परिवहन विभाग लक्ष्य से पीछे रहने वाले अधिकारियों पर नरमी के मूड में नहीं है। अब सबकी नजर तीन दिन में आने वाले जवाब और आगे की कार्रवाई पर टिकी है।







