हरेलाल महतो ने 2019 में रखा सियासत में कदम, दो बार ईचागढ़ से आजसू के टिकट पर लड़े चुनाव, अब भाजपा में होंगे शामिल
जमशेदपुर: चांडिल के धातकीडीह गांव के एक किसान परिवार से निकलकर हरेलाल महतो ने पहले सामाजिक गतिविधियों के जरिए अपनी पहचान बनाई और फिर राजनीति में कदम रखा. क्षेत्र में जनसेवा, खेल और सामाजिक आयोजनों से सक्रियता बढ़ाने के बाद 2018 में उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया. 2019 में पहली बार ईचागढ़ विधानसभा चुनाव आजसू पार्टी के टिकट पर लड़ा. 38,836 मत प्राप्त कर दूसरे स्थान पर रहे. इसके बाद 2024 के विधानसभा चुनाव में भी आजसू ने उन पर भरोसा जताया. इस बार उनके मतों की संख्या बढ़कर 51,029 हो गयी और वे फिर दूसरे स्थान पर रहे. दोनों चुनावों में झामुमो की सविता महतो विजयी रहीं.
अब आजसू के केंद्रीय महासचिव पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद हरेलाल महतो का राजनीतिक सफर एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. 11 अक्तूबर को उनके भाजपा में शामिल होने की बात सामने आयी है. उनके इस्तीफे से कोल्हान की राजनीति में चर्चा तेज हो गयी है.
राजनीति में आने से पहले और इसके बाद भी हरेलाल महतो क्षेत्र में सामाजिक गतिविधियों को लेकर सक्रिय रहे. उन्होंने 'जन सेवा ही लक्ष्य' नाम से संस्था बनायी. संस्था के माध्यम से ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते रहे हैं. 2024 में एक कार्यक्रम में हरेलाल महतो को संस्था का संस्थापक बताया गया था. उन्होंने निजी स्तर पर लोगों की सेवा करने की बात कही थी. क्षेत्र में उनकी पहचान स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी एंबुलेंस सेवा को लेकर भी बनी. चांडिल, नीमडीह और ईचागढ़ समेत क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराने की पहल की गयी. 2024 में ईचागढ़ में नि:शुल्क एंबुलेंस और पेयजल सेवा शुरू करने की भी रिपोर्ट सामने आयी थी.
जन्मदिन पर फुटबॉल मैदान में दिखती है अलग पहचान
हरेलाल महतो का जन्मदिन 6 अक्तूबर को है. इसी अवसर पर धातकीडीह गांव के फुटबॉल मैदान में दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित करने की परंपरा रही है. 2025 में भी उनके जन्मदिन के मौके पर धातकीडीह में दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित की गयी थी. खेल को बढ़ावा देने के साथ सामाजिक कार्यक्रमों को भी इससे जोड़ा गया. बच्चों के बीच साइकिल वितरण, खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी उनकी सार्वजनिक गतिविधियों का हिस्सा रही है. इस तरह खेल और समाजसेवा के जरिए उन्होंने ईचागढ़ क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश की.
राजनीति में आने के बाद हरेलाल महतो ने वर्ष 2019 में पहली बार ईचागढ़ विधानसभा सीट से आजसू के टिकट पर चुनाव लड़ा. उन्हें 38,836 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे। जेएमएम की सविता महतो 57,546 वोट के साथ निर्वाचित हुई थीं. भाजपा के साधु चरण महतो को 38,485 वोट मिले थे.. पांच साल बाद 2024 के विधानसभा चुनाव में हरेलाल महतो फिर आजसू के प्रत्याशी बने. इस बार उन्हें 51,029 वोटमिले और वे फिर दूसरे स्थान पर रहे. सविता महतो ने 77,552 वोट के साथ जीत दर्ज की. यानी 2019 की तुलना में हरेलाल महतो को 2024 में 12,193 वोट अधिकमिले.
राजनीति में आने के बाद हरेलाल महतो ने वर्ष 2019 में पहली बार ईचागढ़ विधानसभा सीट से आजसू के टिकट पर चुनाव लड़ा. उन्हें 38,836 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे। जेएमएम की सविता महतो 57,546 वोट के साथ निर्वाचित हुई थीं. भाजपा के साधु चरण महतो को 38,485 वोट मिले थे.. पांच साल बाद 2024 के विधानसभा चुनाव में हरेलाल महतो फिर आजसू के प्रत्याशी बने. इस बार उन्हें 51,029 वोटमिले और वे फिर दूसरे स्थान पर रहे. सविता महतो ने 77,552 वोट के साथ जीत दर्ज की. यानी 2019 की तुलना में हरेलाल महतो को 2024 में 12,193 वोट अधिक मिले.
धातकीडीह के किसान परिवार से निकलकर सामाजिक गतिविधियों और फिर चुनावी राजनीति तक पहुंचे हरेलाल महतो अब अपने राजनीतिक सफर के अगले पड़ाव की ओर बढ़ रहे हैं. आजसू के केंद्रीय महासचिव पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद 11 अक्टूबर को भाजपा में शामिल होने की घोषणा उनके राजनीतिक सफर में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है. इस्तीफे के पत्र में उन्होंने आजसू नेतृत्व, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के प्रति आभार जताया है.







