BPSC के सफल अभ्यर्थियों का सम्मान, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार बोले— ईमानदारी और जनसेवा ही अधिकारी की सबसे बड़ी पहचान
Bihar News: बिहार विधान सभा के विस्तारित भवन स्थित 300 क्षमता वाले सभागार में मंगलवार को 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में सफल 225 अभ्यर्थियों के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया। सशक्त भारत मंच की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बीपीएससी केवल एक प्रतियोगी परीक्षा नहीं, बल्कि समाज और राज्य की सेवा का अवसर है। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से अपील की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ करें। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी की असली पहचान उसका पद नहीं, बल्कि उसका चरित्र और जनसेवा का भाव होता है।
विधानसभा अध्यक्ष ने संविधान के मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक लोकसेवक का पहला दायित्व न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के सिद्धांतों को व्यवहार में उतारना है। उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की पंक्ति “मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है” उद्धृत करते हुए युवाओं से विकसित भारत और विकसित बिहार के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बिहार विधान परिषद के उपसभापति डॉ. रामवचन राय ने सफल अभ्यर्थियों को उच्च नैतिक मूल्यों के साथ सेवा करने की सीख दी। वहीं, पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद ने कहा कि लोकसेवा में कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी सर्वोपरि होनी चाहिए। बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव ने भी चयनित अभ्यर्थियों से कर्म को पूजा मानकर जनता की सेवा करने का संदेश दिया।
इस सम्मान समारोह में पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद, बिहार विधान परिषद के उपसभापति डॉ. रामवचन राय, बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, सशक्त भारत मंच के राष्ट्रीय संयोजक निपुण आलमबायन समेत कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में सफल अभ्यर्थी उपस्थित रहे।







