‘महिलाएं और बच्चे सुरक्षित नहीं, तो सरकार को शासन का अधिकार नहीं’ : बिहार सरकार पर मनोज झा का तीखा हमला
Bihar news: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने बिहार की कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर नीतीश सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं, बेटियों और बच्चों की सुरक्षा गंभीर संकट में है और सरकार इस मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है।
मनोज झा ने बेगूसराय, चंपारण और समस्तीपुर में महिलाओं के साथ हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि सरकार महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा नहीं दे सकती, तो उसे सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
राजद सांसद ने कहा कि जब भाजपा विपक्ष में थी, तब कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर लगातार सरकारों को घेरती थी, लेकिन आज ऐसी घटनाओं पर सत्ताधारी नेताओं की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संवेदनशील मुद्दों पर जवाबदेही से बच रही है।
एनकाउंटर के मुद्दे पर भी मनोज झा ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाले हर पुलिस एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका आरोप था कि कई मामलों में सच्चाई को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी मुठभेड़ को लेकर सवाल उठते हैं, तो उसकी पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए।
महिलाओं को आर्थिक सहायता और चुनावी वादों के मुद्दे पर भी मनोज झा ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान महिलाओं से किए गए वादों को अब तक पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने दावा किया कि राजद इन मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज करेगी और जनता के बीच जाएगी।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज झा ने कहा कि लालू यादव सामाजिक न्याय की राजनीति के बड़े नेता हैं और करोड़ों लोगों के बीच उनका सम्मान है। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर के बाद यदि किसी नेता ने अति पिछड़ा वर्ग की आवाज को सबसे मजबूती से उठाया है, तो वह लालू यादव हैं।
राजद सांसद ने लालू यादव की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से पार्टी कार्यकर्ता स्वयं अपने नेता की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस मामले में भ्रामक जानकारी देना बंद नहीं करती, तो राजद न्यायालय का रुख करने पर विचार करेगी।
इसके साथ ही मनोज झा ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि कई पेंशनभोगियों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है और अनेक कर्मचारियों का वेतन भी लंबित है। उन्होंने सरकार से राज्य के वित्तीय हालात पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
मनोज झा ने कहा कि कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, वित्तीय प्रबंधन और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है, जबकि राजद इन सवालों को सड़क से लेकर सदन तक उठाती रहेगी।







