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गया में रिश्वतखोरी पर IG विकास वैभव का बड़ा एक्शन: अनुसंधान में अनियमितता और घूस मांगने के आरोप में दारोगा निलंबित

 
गया में रिश्वतखोरी पर IG विकास वैभव का बड़ा एक्शन: अनुसंधान में अनियमितता और घूस मांगने के आरोप में दारोगा निलंबित

Gaya: बिहार पुलिस ने भ्रष्टाचार और कर्तव्यहीनता के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को एक बार फिर सख्ती से लागू करते हुए गया जिले में तैनात एक पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) को निलंबित कर दिया है। अनुसंधान के दौरान अनियमितता बरतने और अभियुक्तों से रिश्वत मांगने के गंभीर आरोपों की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। यह जानकारी पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), मगध क्षेत्र विकास वैभव ने सोमवार को रात में किया है। 

जानकारी के अनुसार चंदौती थाना में दर्ज एक मामले की जांच कर रहे पुलिस अवर निरीक्षक ललन प्रसाद साह पर आरोप लगा कि उन्होंने केस में नामजद अभियुक्तों से पैसे की मांग की थी। शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए। विज्ञप्ति के मुताबिक, चंदौती थाना कांड संख्या 221/26 से जुड़े मामले में कुल छह अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई की जानी थी।

प्रत्येक अभियुक्त से दो-दो हजार की मांग की थी 

आरोप है कि अनुसंधानकर्ता द्वारा प्रत्येक अभियुक्त से दो-दो हजार रुपये की मांग की गई, जिसकी कुल राशि 12 हजार रुपये होती है। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत की, जिसमें कथित तौर पर अनुसंधानकर्ता और अन्य व्यक्तियों के बीच पैसे के लेन-देन तथा केस में मदद करने से संबंधित बातचीत दर्ज है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक, मगध क्षेत्र विकास वैभव ने 13 जून 2026 को तत्काल जांच का आदेश दिया। जांच की जिम्मेदारी पुलिस निरीक्षक, चंदौती को सौंपी गई। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, शिकायत और प्रस्तुत रिपोर्ट का परीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर सोमवार को संबंधित पुलिस अवर निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया तथा उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश जारी किया गया।

पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से उच्च स्तर की ईमानदारी और निष्पक्षता की अपेक्षा की जाती है। यदि कोई अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करता है या भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।