दुनिया के मंच पर चमकी भारतीय प्रतिभा! कवयित्री मिली दास को ‘एम्बेसडर ऑफ इटर्निटी’ सम्मान
यह सम्मान International Academy of Ethics द्वारा साहित्य और नैतिक चेतना के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया।
वैश्विक विचारों का संगम बना सम्मेलन
यह भव्य आयोजन इंटरनेशनल अकादमी ऑफ एथिक्स और सोका इकेड़ा कॉलेज ऑफ आर्ट एंड साइंस फॉर वोमेन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।
“फ़ॉर्मेटिंग यंग माइंड फॉर ए ग्रैंड न्यू वर्ल्ड” थीम पर आधारित इस सम्मेलन में दुनिया भर के शिक्षाविद, कवि और शोधकर्ता शामिल हुए, जहां नैतिकता, शिक्षा और रचनात्मकता पर गहन चर्चा हुई।
मिली दास को क्यों मिला यह सम्मान?
मिली दास को यह सम्मान उनकी रचनाओं में झलकती नैतिक संवेदनशीलता, सामाजिक सरोकार और वैश्विक सोच के लिए दिया गया।
उनकी कविताएं मानवता, सहानुभूति और बौद्धिक जागरूकता का संदेश देती हैं, जो आज के बदलते वैश्विक परिवेश में बेहद प्रासंगिक मानी जा रही हैं।
दिग्गजों की मौजूदगी में मिला सम्मान
इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर जरनैल सिंह आनंद, माजा हरमन सेकुलिक, मीरा मुरुगेशन और जेकब इसाक जैसे दिग्गज मौजूद रहे।
इन सभी ने साहित्य और नैतिक शिक्षा की भूमिका को एक बेहतर और समावेशी दुनिया के निर्माण में अहम बताया।
भारतीय साहित्य को मिला वैश्विक मंच
यह सम्मान न सिर्फ मिली दास की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय साहित्य की बढ़ती वैश्विक पहचान का भी प्रतीक है। उनकी उपलब्धि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनकर उभर रही है, जो साहित्य के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सपना देखती है।







