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बिहार में औद्योगिक विकास को रफ्तार, 1640 एकड़ में मेगा प्रोजेक्ट की शुरुआत, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

Bihar: औद्योगिक विकास की दिशा में बिहार को बड़ी सौगात मिलने जा रही है. राज्य में 1640 एकड़ भूमि पर नए मेगा इंडस्ट्रियल हब की शुरुआत की गई है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से बिहार के औद्योगिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है और हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा.
 
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Bihar: औद्योगिक विकास की दिशा में बिहार को बड़ी सौगात मिलने जा रही है. राज्य में 1640 एकड़ भूमि पर नए मेगा इंडस्ट्रियल हब की शुरुआत की गई है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से बिहार के औद्योगिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है और हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा.

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सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस इंडस्ट्रियल हब में मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल और एमएसएमई सेक्टर से जुड़ी इकाइयों को स्थापित करने की योजना है. इसके लिए आधारभूत संरचना, सड़क, बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

राज्य सरकार का कहना है कि यह प्रोजेक्ट न सिर्फ निवेशकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगा. इसके साथ ही आसपास के इलाकों में व्यापार, परिवहन और सेवा क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा.

विशेषज्ञों का मानना है कि यह इंडस्ट्रियल हब बिहार को औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा सकता है और पलायन की समस्या को कम करने में भी मददगार साबित होगा. 

कंपनी द्वारा सबसे पहले अधिग्रहीत जमीन को समतल करने का कार्य कराया जा रहा है. निर्माण एजेंसी के अधिकारियों का लगातार क्षेत्र में आना-जाना लगा हुआ है तथा प्रखंड मुख्यालय में कंपनी का अस्थायी कार्यालय भी स्थापित किया गया है.

परियोजना के लिए करीब 1640 एकड़ निजी जमीन का अधिग्रहण किया गया है. वहीं वन विभाग की लगभग 1300 एकड़ भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया भी जारी है.

जमीन समतलीकरण के बाद पूरे क्षेत्र की चहारदीवारी निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा. औद्योगिक कॉरिडोर को कई चरणों में विकसित करने की योजना बनाई गई है.

क्षेत्र के युवाओं को मिलेगा रोजगार 

बिहार में नई सरकार के गठन के बाद उद्योग विभाग के अधिकारी लगातार परियोजना की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. औद्योगिक इकाइयों के संचालन को ध्यान में रखते हुए बिजली और पानी की स्थायी व्यवस्था पर भी विभाग तेजी से काम कर रहा है. क्षेत्र के लोगों का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद डोभी औद्योगिक नक्शे पर नई पहचान बनाएगा तथा एक लाख युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा. औद्योगिक कोरिडोर में आटो, सायकिल, आयरन राड, लेदर, इलेक्ट्रिक, इलेक्ट्रॉनिक का कंपनी लगेगा.