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शाबाशी तो बनती है क्या गजब की इंजीनियरिंग है भाई साहब! नदी कुछ दूरी पर, लेकिन यहां खेत में पुल बना दिया वाह...

Kishanganj: ''वाकई कमाल का इंजीनियर है, नदी कुछ दूरी पर है, लेकिन यहां खेत में पुल बना दिया. सरकार का पैसा बर्बाद हुआ. अगर कुछ कहते तो हम लोगों के विरोध करने से क्या होगा?
 
Kishanganj News

Kishanganj: 'गई भैंस पानी में', ये कहावत तो आपने जरूर ही सुना होगा. इस कहावत का इस्तेमाल तब किया जाता है जब कोई मेहनत से किया जा रहा काम अचानक बर्बाद हो जाए या किसी योजना के विफल होने नुकसान की स्थिति को दर्शाती है. लेकिन आज हम आपको दिखाएंगे कि कैसे गई पुल पानी में. जी हां हम बात कर रहे हैं किशनगंज की, जहां इंजीनियरों ने नदी पर पुल न बनाकर बीच खेत में ही पुल खड़ा कर दिया. 

 बिहार के किशनगंज जिले टेउसा पंचायत में हर साल बाढ़ और बारिश का पानी तबाही मचाता है. रमजान नदी का पानी किसानों की फसल, घर बार अपने साथ बहा ले जाता है. ऐसे में ग्रामीण सालों से रमजान नदी पर एक पुल बनाने की मांग कर रहे थे. ऐसे में सरकार ने ग्रामीणों की इस मुश्किल को देखकर यहां एक पुल का निर्माण कराया था.

5 साल पहले यहां पुल का निर्माण हुआ, पुल के दोनों तरफ अप्रोच रोड भी बनाया गया. ग्रामीणों की माने तो ''ग्रामीण सड़क योजना के तहत यहां पुल निर्माण में इंजीनियरों ने गलती से मिस्टेक कर दिया. पुल को खेत के ऊपर बना दिया, जबकि पुल से आगे करीब 100 मीटर की दूरी पर रमजान नदी बहती है, जहां पुल का निर्माण होना था.''

''5 साल पहले यह पुल बना था. पुल बनना चाहिए नदी में, लेकिन इसे खेत में बनाया गया है, जिसकी कोई जरूरत नहीं है. यह पुल हमारे कपड़ा सुखाने का काम आता है.'' - इस्माइल, किसान, टेउसा पंचायत

क्या कहते हैं जमीन मालिक?: जमीन मालित का कहना है कि खेत के बीच बने पुल ने इंजीनियरिंग की कमियों को उजागर कर दिया है.

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पांच साल पहले निर्मित यह पुल नदी से करीब 100 मीटर दूर खेत में बना है, जिससे न तो कोई नदी पार होती है और न ही इसका कोई व्यावहारिक उपयोग हो पा रहा है. पुल निर्माण में हुई गलती से सरकारी खजाने की लाखों रुपये की बर्बादी हुई, जबकि असली जरूरत नदी पर पुल की थी.

''वाकई कमाल का इंजीनियर है, नदी कुछ दूरी पर है, लेकिन यहां खेत में पुल बना दिया. सरकार का पैसा बर्बाद हुआ. अगर कुछ कहते तो हम लोगों के विरोध करने से क्या होगा?. हालांकि इस संबंध में जिलाधिकारी को बताया गया है.'' - सोमदेव कुमार, जमीन के मालिक

क्या बोले जिलाधिकारी?: मामले में जिलाधिकारी विशाल राज ने बताया कि पास में नदी है. बारिश के दिनों में यहां खेतों में पानी बहता है, यह निचली जमीन है. फिर भी, हमारे संज्ञान में मामला आया है, इसकी जांच कराई जाएगी.

''ग्रामीणों द्वारा नदी पर पुल बनाने की मांग की जा रही है. जिले में पिछले कुछ सालों में कई विकास कार्य किए गए है, जल्द ही ग्रामीणों की इस मांग पर विचार होगा. हालांकि मामले में जो भी नियमानुसार होगा जरूर कार्रवाई करेंगे. जानकारी जुटाई जा रही है.'' - विशाल राज, जिलाधिकारी, किशनगंज

5 साल पहले हुआ पुल का निर्माण: मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत इस पुल का निर्माण 5 साल पहले टेउसा पंचायत में किया गया था. साल 2020 से 2021 के बीच, यानी एक साल में पुल का निर्माण किया गया. पुल निर्माण में 6 करोड़ 70 लाख रूपये खर्च हुए. खेत में खड़े 40 मीटर लंबे इस पुल के दोनों तरफ एप्रोच रोड का निर्माण कराया गया है.