“NTA पर भरोसा करना मुश्किल…” NEET-UG रद्द होते ही भड़के खान सर, बोले- छात्रों की जिंदगी से हो रहा खिलवाड़
खान सर ने कहा कि NTA लगातार बड़ी परीक्षाओं को निष्पक्ष तरीके से कराने में नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने कहा,
“एजेंसी के लिए यह सिर्फ एक एग्जाम हो सकता है, लेकिन छात्रों के लिए यह उनका भविष्य और पूरी जिंदगी है।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि NTA का नाम बदलकर “कभी भरोसे लायक नहीं” रख देना चाहिए, क्योंकि एजेंसी का प्रशासनिक सिस्टम पूरी तरह सवालों के घेरे में है।
“CBI जांच इतनी लंबी चलेगी कि छात्र MBBS पूरा कर लेंगे”
पेपर लीक मामले की जांच CBI को सौंपे जाने पर भी खान सर ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि ऐसी जांचों में अक्सर बहुत लंबा समय लग जाता है और तब तक छात्रों का करियर प्रभावित होता रहता है।
उन्होंने कहा कि मामले की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज से कराई जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ तय समयसीमा में कार्रवाई होनी चाहिए।
“NTA के अंदर से मिलीभगत की आशंका”
खान सर ने दावा किया कि इतने बड़े स्तर पर पेपर लीक बिना अंदरूनी मदद के संभव नहीं है। उनके मुताबिक पेपर टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए लाखों रुपये में बेचे जाते हैं और इसमें प्रभावशाली लोगों की भूमिका हो सकती है।
उन्होंने कहा,
“एक हत्या में एक इंसान की जान जाती है, लेकिन पेपर लीक लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर देता है। जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी, ये खेल बंद नहीं होगा।”
“माता-पिता गहने और जमीन गिरवी रख रहे”
खान सर ने छात्रों और उनके परिवारों की परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि कई परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए जमीन बेच रहे हैं या गहने गिरवी रख रहे हैं। ऐसे में परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक की खबरें छात्रों का भरोसा तोड़ रही हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि 2024 में भी NEET परीक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगे थे, लेकिन जांच के बावजूद कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। खान सर के मुताबिक सबसे पहले पेपर लीक की जानकारी छात्रों ने दी थी, न कि सरकारी एजेंसियों ने।
UPSC मॉडल की तारीफ, PMO और सुप्रीम कोर्ट से अपील
इस दौरान खान सर ने UPSC की परीक्षा व्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि वहां पारदर्शिता और अनुशासन ज्यादा बेहतर दिखाई देता है, जबकि NTA बार-बार विवादों में घिरती रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय और सुप्रीम कोर्ट से मामले में सीधे हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि जांच की प्रगति हर सप्ताह सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि छात्रों का भरोसा दोबारा कायम हो सके।
खान सर ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शिक्षा व्यवस्था में लगातार ऐसी गड़बड़ियां होती रहीं, तो आने वाले वर्षों में देश को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है।







