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जगदानंद सिंह के बेटे हो सकते हैं JDU में शामिल?
 

राष्ट्रीय जनता दल( राजद) के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के घर में फूट डालने की कोशिश की जा रही है। जगदानंद सिंह को राजद का चाणक्य कहा जाता है। उन्होंने पार्टी में हमेशा से अहम भूमिका निभाई है। लेकिन अब उनके घर में फूट डालने की कोशिश की जा रही है। कहते हैं जहां कड़ी कमजोर होती है हथौड़ा वहीं मारा जाता है। जगदानंद सिंह के बेटे अजित कुमार सिंह विरोधी पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ सकते हैं। सूत्रों के हवाले से न्यूज हाट इस खबर को चला रहा है।

जगदानंद सिंह के बेटे को राजनीति में लाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब राजद के किसी बड़े नेता के परिवार में फूट डाला गया हो। इससे पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है। राजद के वरिष्ठ दिवंगत नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के परिवार में भी फूट डाला गया था। बता दें कि रघुवंश प्रसाद सिंह राजद के मजबूत स्तंभों में से एक थे। उन्होंने हमेशा लालू यादव और पार्टी का साथ निभाया। वह सिर्फ राजद के नेता के लिए ही नहीं बल्कि आम लोगों और अन्य पार्टी के नेताओं के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं। साल 2020 की बात है, अक्टूबर का महीना जब रघुवंश प्रसाद सिंह के पुत्र सत्यप्रकाश जदयू में शामिल हुए थे। यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रघुवंश प्रसाद के मृत्यु के ठीक एक महीने बाद सत्यप्रकाश जदयू में शामिल हुए थे। 

रघुवंश प्रसाद सिंह
रघुवंश प्रसाद सिंह 

वापस आते हैं जगदानंद सिंह की ओर, जगदानंद सिंह के चार पुत्र हैं। दिवाकर सिंह, डॉक्टर पुनीत कुमार सिंह, सुधाकर सिंह जो रामगढ़ से विधायक हैं और इंजीनियर अजित कुमार सिंह। अजित सिंह तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने इंटरकास्ट शादी की थी। अजित सिंह ने न्यूज हाट से बातचीत में यह साफ जाहिर किया कि उनके भीतर राजनीतिक महत्वाकांक्षा है। बता दें उन्होंने यह भी कहा कि रामगढ़ से चुनाव लड़ सकते हैं। इतिहास यह रहा है कि जगदानंद सिंह ने अपने बड़े भाई और समाजवादी नेता सच्चिदानंद सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ कर राजनीति में अपनी पहचान बनाई थी। सच्चिदानंद सिंह प्रभावशाली नेताओं में से एक थे। 

नोट- यह इनपुट वरिष्ठ पत्रकार और न्यूज हाट के मैनेजिंग एडिटर कन्हैया भेलारी से ली गई है