‘जल-जीवन-हरियाली’ से बदली बिहार के गांवों की तकदीर: तालाबों में मछली पालन बना कमाई का जरिया, किसान कमा रहे सालाना 25 लाख तक
इन जलस्रोतों के जरिए मत्स्य पालन को तेजी से बढ़ावा मिला है और कई किसान अब इसी व्यवसाय से हर साल 20 से 25 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं। इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
बंजर जमीन से शुरू हुआ लाखों का कारोबार
कैमूर जिले के रामगढ़ प्रखंड के जमुराना गांव के रहने वाले बसंत कुमार की कहानी इस बदलाव की मिसाल है। कुछ साल पहले वह विदेश में नौकरी करते थे, लेकिन माता-पिता की देखभाल के लिए उन्हें गांव लौटना पड़ा। गांव में उनकी जमीन खेती के लायक नहीं थी, इसलिए उन्होंने मत्स्य पालन की ओर कदम बढ़ाया।
सरकारी योजनाओं की मदद से उन्होंने अपनी जमीन पर तालाब और बायोफ्लॉक टैंक बनवाया। आज उनके तालाब से हर साल करीब 35 टन पंगास और इंडियन मेजर कार्प मछली का उत्पादन होता है। इस कारोबार से बसंत को सालाना 20-25 लाख रुपये तक की आय हो रही है और गांव के एक दर्जन से अधिक लोगों को रोजगार भी मिला है।
मत्स्य पालन से कई परिवारों को सहारा
कैमूर जिले के ही बेलांव गांव के किशोर कुमार ने भी पारंपरिक खेती से हटकर मछली पालन का रास्ता चुना। ग्रेजुएशन के बाद खेती शुरू करने पर उन्हें ज्यादा मुनाफा नहीं मिल रहा था और कई बार प्राकृतिक आपदाओं से फसल भी बर्बाद हो जाती थी।
इसके बाद उन्होंने अपनी जमीन पर तालाब बनवाया और फिश किऑस्क की शुरुआत की। आज उनका छोटा सा प्रयास एक बड़े व्यवसाय में बदल चुका है। इस काम से जहां 8-10 परिवारों को स्थायी रोजगार मिला है, वहीं किशोर खुद हर साल 16-20 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं।
हजारों तालाबों से गांवों में आई नई आर्थिक लहर
2 अक्टूबर 2019 से शुरू ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान के तहत राज्य में पुराने जलस्रोतों के संरक्षण और नए तालाबों के निर्माण पर जोर दिया गया है। पिछले करीब छह वर्षों में बिहार के विभिन्न हिस्सों में 4,300 से अधिक नए तालाब बनाए जा चुके हैं।
इन तालाबों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन का विस्तार हुआ है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे न सिर्फ गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि लोगों का जीवन स्तर भी पहले की तुलना में बेहतर हुआ है। जल संरक्षण के उद्देश्य से शुरू हुआ यह अभियान अब बिहार के गांवों में रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता की नई राह भी खोल रहा है।







