पटना हाईकोर्ट को मिला नया नेतृत्व: जस्टिस संगम कुमार साहू ने 47वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में संभाली कमान
Bihar news: पटना की न्यायिक और सियासी फिज़ा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण मोड़ दर्ज हुआ, जब ओडिशा हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस संगम कुमार साहू ने पटना हाईकोर्ट के 47वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस नियुक्ति के साथ ही राज्य की न्यायिक व्यवस्था को स्थायी नेतृत्व मिल गया है, जिससे अदालत के कामकाज में नई गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।
राजभवन में गरिमामय समारोह
राजधानी स्थित राजभवन में 7 जनवरी 2026 को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने जस्टिस साहू को शपथ दिलाई। कार्यक्रम में सरकार, न्यायपालिका और प्रशासन—तीनों स्तंभों की मौजूदगी ने इस अवसर को खास बना दिया। राज्य सरकार के मंत्री, पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिकारी और कई गणमान्य व्यक्ति इस मौके के साक्षी बने।
राष्ट्रपति की अधिसूचना से हुई नियुक्ति
जस्टिस संगम कुमार साहू की नियुक्ति भारत सरकार के विधि एवं न्याय विभाग की 1 जनवरी 2026 की अधिसूचना के तहत की गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के प्रावधानों के अनुसार उन्हें पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया। इसे न्यायिक प्रशासन के लिहाज़ से एक अहम और दूरगामी फैसला माना जा रहा है।
एक्टिंग व्यवस्था को मिला स्थायित्व
पूर्व मुख्य न्यायाधीश पी. बी. बजनथ्री के सेवानिवृत्त होने के बाद से पटना हाईकोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस सुधीर सिंह जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति के साथ अदालत को स्पष्ट दिशा और मजबूत नेतृत्व मिलने की संभावना है।
पहले ही दिन संभालेंगे न्यायिक कार्य
शपथ ग्रहण के बाद जस्टिस संगम कुमार साहू ने लंच के बाद ही अदालती कार्यभार संभाल लिया और मामलों की सुनवाई शुरू की। न्यायिक गलियारों में यह उम्मीद जताई जा रही है कि उनके कार्यकाल में लंबित मामलों के निपटारे, संस्थागत अनुशासन और न्यायिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
न्यायिक ढांचे में बड़े बदलाव के संकेत
इसी क्रम में उत्तराखंड, झारखंड, सिक्किम और मेघालय हाईकोर्ट के लिए भी नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की अनुशंसा की गई है। इसे देश की न्यायिक संरचना में व्यापक बदलाव और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है।
पटना हाईकोर्ट को मिला यह नया नेतृत्व आने वाले समय में न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और विश्वासपूर्ण बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।







