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12 साल में अपहरण, 18 साल तक नरक… ‘रिंकी’ बनी ‘हिना’: सुपौल की पीड़िता की दहला देने वाली कहानी

 
12 साल में अपहरण, 18 साल तक नरक… ‘रिंकी’ बनी ‘हिना’: सुपौल की पीड़िता की दहला देने वाली कहानी
Bihar News: सुपौल जिले से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो इंसानियत को झकझोर देती है। पिपरा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महादलित महिला ने 18 साल बाद अपने साथ हुए अत्याचारों की दास्तान सुनाई है और अब न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़िता, जो अब करीब 30 वर्ष की हो चुकी है, उसने आरोप लगाया है कि जब वह महज 12 साल की थी, तब उसका अपहरण कर लिया गया। जिसके बाद उसे साथ लगातार 18 वर्षों तक शोषण और देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया गया।

अपहरण से शुरू हुआ खौफनाक सफर
पीड़िता के मुताबिक, वह अपने नाना के घर जा रही थी, तभी रास्ते में एक महिला ने उसे बातों में उलझाया और कुछ लोगों ने उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर अगवा कर लिया। होश आने पर उसने खुद को इस्लामपुर में पाया, जहां उसे कथित तौर पर एक लाख रुपये में बेच दिया गया।

यहां उससे करीब दो साल तक घरेलू काम कराया गया। इसके बाद शादी का झांसा देकर उसे फिर दूसरे व्यक्ति के हाथ बेच दिया गया और अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया।

धर्म परिवर्तन और देह व्यापार का
पीड़िता ने आरोप लगाया है महिला ने यह भी बताया कि बाद में उसे फ़ोर्ब्सगंज में एक व्यक्ति को बेच दिया गया, जहां उसका जबरन धर्म परिवर्तन कर नाम बदलकर ‘हिना खातून’ कर दिया गया। इसके बाद उसे देह व्यापार में धकेल दिया गया।

इस दौरान उसके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना भी होती रही। पीड़िता का दावा है कि वह तीन बार गर्भवती हुई, जिसमें दो बार उसके गर्भ को नुकसान पहुंचाया गया, जबकि तीसरी बार उसने एक बच्चे को जन्म दिया।

बीमारी बनी आज़ादी की वजह
फरवरी में बीमार पड़ने पर जब उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब उसने एम्बुलेंस चालक को अपनी पूरी कहानी बताई। चालक की मदद से पीड़िता ने अपने परिवार से संपर्क किया और बाद में परिजन उसे उस चंगुल से निकालकर घर ले आए।

अब भी मिल रही धमकियां
घर लौटने के बाद भी पीड़िता की मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं। उसने आरोप लगाया है कि उसे लगातार फोन पर धमकियां मिल रही हैं।

इस मामले में पिपरा थाना में शिकायत दर्ज कर ली गई है। थानाध्यक्ष राजेश कुमार झा ने बताया कि पीड़िता के आवेदन पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि समाज के उस काले चेहरे को भी सामने लाता है, जहां एक बच्ची को सालों तक दरिंदगी झेलनी पड़ी। अब सभी की नजर पुलिस जांच और न्याय प्रक्रिया पर टिकी है।