IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू परिवार को फिलहाल राहत, राउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला 16 जुलाई तक टाला
अदालत में इस मामले को लेकर अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें पूरी हो चुकी हैं। अब कोर्ट को यह तय करना है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं या नहीं। यदि अदालत आरोप तय करती है, तो मामले की सुनवाई ट्रायल चरण में प्रवेश कर जाएगी।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि IRCTC से जुड़े होटल आवंटन में कथित अनियमितताओं के जरिए लाभ प्राप्त किया गया और उससे जुड़े लेन-देन में मनी लॉन्ड्रिंग के तत्व पाए गए।
वहीं, लालू परिवार ने निचली अदालत के उस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें अक्टूबर 2025 में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए गए थे। इस मामले में CBI ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि जांच के दौरान पर्याप्त दस्तावेजी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए गए हैं, जो आरोपों की पुष्टि करते हैं।
यह पूरा मामला उस अवधि से जुड़ा है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। जांच एजेंसियों का आरोप है कि रांची और पुरी स्थित बीएनआर होटलों के संचालन से जुड़े ठेके देने में कथित अनियमितताएं हुईं। इसके बदले पटना में कीमती जमीन हासिल किए जाने और बाद में उसे परिवार से जुड़ी कंपनी के नाम हस्तांतरित किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।
फिलहाल अदालत के अगले कदम पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजरें टिकी हुई हैं। 16 जुलाई को होने वाली सुनवाई इस बहुचर्चित मामले की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती है।







