लैंड फॉर जॉब केस में बढ़ी कानूनी घेराबंदी, कोर्ट सख्त- लालू की याचिका खारिज, राबड़ी को हाईकोर्ट से राहत की उम्मीद
हाल ही में सुनवाई के दौरान अदालत ने लालू प्रसाद यादव की याचिका को खारिज करते हुए कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने साफ कहा कि इस तरह की याचिकाएं मुकदमे को उलझाने और सुनवाई में देरी करने की कोशिश हैं। अदालत ने यह भी कहा कि कार्रवाई से बचने के लिए कोर्ट को गुमराह करना स्वीकार्य नहीं है।
राबड़ी की याचिका पर हाईकोर्ट सख्त, CBI को नोटिस
वहीं दूसरी ओर राबड़ी देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति मनोज जैन की बेंच ने एजेंसी से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 1 अप्रैल तय की है।
दरअसल, राबड़ी देवी ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें करीब 1600 ऐसे दस्तावेज देने से इनकार किया गया था, जिन पर जांच एजेंसी भरोसा नहीं कर रही। याचिका में दलील दी गई है कि निष्पक्ष सुनवाई के लिए इन दस्तावेजों तक पहुंच जरूरी है।
ट्रायल कोर्ट पहले ही दिखा चुका है सख्ती
इससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी समेत अन्य आरोपियों की याचिकाओं को खारिज कर दिया था। कोर्ट का कहना था कि जिन दस्तावेजों पर अभियोजन पक्ष भरोसा नहीं कर रहा, उन्हें देना जरूरी नहीं है। साथ ही इतनी बड़ी संख्या में दस्तावेजों की मांग से केस में देरी हो सकती है।
क्या है पूरा मामला?
‘लैंड फॉर जॉब’ मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले उम्मीदवारों या उनके परिजनों से जमीन ली गई और उसे परिवार या करीबी संस्थाओं के नाम कराया गया। हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर लालू परिवार लगातार आरोपों से इनकार करता रहा है।
अब हाईकोर्ट के नोटिस के बाद इस केस की अगली सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है, जहां से आगे की कानूनी दिशा तय हो सकती है।







