मुजफ्फरपुर में LJP (R) नेता जमीन कब्जा मामले में एक और पुलिस की गिरफ्त में
Mujaffarpur: मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत झपहां और उदनडीह में जमीनों पर जबरन कब्जा करने, चहारदीवारी और घरों को जेसीबी से ध्वस्त करने के चर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कांतेश मिश्रा के कड़े निर्देश और विशेष टीम के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस कांड में संलिप्त एक और मुख्य आरोपी विकाश राठौड़ को धर दबोचा है. इसके साथ ही इस पूरे प्रकरण में अब तक कुल 6 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है. सख्ती से पूछताछ के बाद विकास राठौड़ ने घटना में संलिप्त 50 से अधिक लोगों के नाम-पते बताए हैं. इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश मिश्रा के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक मोहिबुल्लाह अंसारी के अनुश्रवण और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-2) के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने जब आरोपी विकाश राठौड़ की गिरफ्तारी के लिए अयाचीग्राम रोड नंबर-1 स्थित उसके किराये के मकान पर दबिश दी, तो वह वहां से फरार मिला. हालांकि, मकान की तलाशी के दौरान पुलिस ने डबल डोर फ्रिज, ट्रंक बक्सा और अन्य जगहों पर छिपाकर रखी गई 273.75 लीटर विदेशी शराब बरामद की. इसके बाद गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित जाल बिछाकर आरोपी विकाश राठौड़ को बैरिया बस स्टैंड स्थित एक झोपड़ीनुमा होटल से गिरफ्तार कर लिया. बरामद अवैध शराब के मामले में अभियुक्त के खिलाफ अहियापुर थाने में मद्यनिषेध कानून के तहत अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है.
गौरतलब है कि बीते 20 अगस्त को लोजपा (रामविलास) के बोर्ड लगे वाहन, स्कॉर्पियो, थार, जेसीबी और बाइकों पर सवार 50 से अधिक उपद्रवियों ने झपहां में जमकर तांडव मचाया था और विरोध करने पर एक व्यक्ति को जेसीबी के नीचे फेंकने का प्रयास करते हुए 'बॉस' को रंगदारी देने की धमकी दी थी. पीड़ित प्रह्लाद कुमार के आवेदन पर मामला दर्ज होते ही एसएसपी कांतेश मिश्रा की पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए पहले 24 घंटे के भीतर नामजद सुमित कुमार श्रीवास्तव और सन्नी सिंह को जेल भेजा था. इसके बाद सीतामढ़ी पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में बेलसंड विधायक कार्यालय में छिपे कुख्यात छोटू यादव और नन्हे सिंह को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया था, जबकि 26 अगस्त को आनंद कुमार की गिरफ्तारी हुई थी.
एसएसपी कांतेश मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि घटना में शामिल बाकी बचे सभी भू-माफियाओं को भी जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा. इसके साथ ही चिन्हित भू-माफियाओं के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 107 के तहत साक्ष्यों के आधार पर संपत्ति जब्ती की सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है. इस जमीन विवाद और तोड़फोड़ की घटना में लोजपा (रामविलास) के बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू सिंह का नाम भी सामने आया है, जिनकी भूमिका की पुलिस जांच कर रही है. पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और मामले से जुड़े वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं.







