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बिहार विधान परिषद में बड़ा बदलाव, अवधेश नारायण सिंह का इस्तीफा; JDU के रामवचन राय का नाम सबसे आगे

 
बिहार विधान परिषद में बड़ा बदलाव, अवधेश नारायण सिंह का इस्तीफा; JDU के रामवचन राय का नाम सबसे आगे

Bihar News: बिहार की सियासत में विधान परिषद के स्तर पर बड़ा बदलाव सामने आया है। बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र विधान परिषद के उपसभापति प्रो. डॉ. रामवचन राय को सौंपा। इसके साथ ही अब परिषद के अगले सभापति को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

अवधेश नारायण सिंह बीजेपी से विधान परिषद सदस्य हैं। सभापति का पद छोड़ने के बाद अब नए सभापति के निर्वाचन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, वे विधान परिषद के सदस्य बने रहेंगे।

JDU के खाते में जा सकती है सभापति की कुर्सी

अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे के बाद अब चर्चा इस बात की है कि विधान परिषद के सभापति का पद किस दल के पास जाएगा। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, यह पद जनता दल यूनाइटेड (JDU) के खाते में जाने की संभावना है।

NDA के भीतर महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों के बंटवारे को लेकर पहले से ही चर्चा चल रही थी। ऐसे में सभापति पद को लेकर होने वाला अगला फैसला राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

रामवचन राय का नाम सबसे आगे

नए सभापति के संभावित नामों में रामवचन राय की चर्चा सबसे ज्यादा है। वह फिलहाल बिहार विधान परिषद के उपसभापति हैं और JDU से जुड़े वरिष्ठ नेता हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, सभापति पद के लिए उनका नाम प्रमुख दावेदार के तौर पर सामने आया है।

रामवचन राय का विधान परिषद में लंबा अनुभव भी रहा है। ऐसे में उनके नाम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। हालांकि, अंतिम फैसला और औपचारिक चुनाव अभी बाकी है।

चुनावी प्रक्रिया के बाद साफ होगी तस्वीर

सभापति का पद खाली होने के बाद अब विधान परिषद में नए सभापति के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से नाम तय होने के बाद नामांकन और चुनाव से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाएं आगे बढ़ेंगी।

फिलहाल रामवचन राय के नाम की चर्चा जरूर तेज है, लेकिन जब तक औपचारिक घोषणा नहीं होती, तब तक इसे संभावित दावेदारी के रूप में ही देखा जा रहा है।

अवधेश नारायण सिंह का लंबा परिषद अनुभव

अवधेश नारायण सिंह बिहार विधान परिषद के अनुभवी नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने पहले भी सभापति और कार्यकारी सभापति की जिम्मेदारी संभाली है। 20 जून 2024 को उन्होंने एक बार फिर सभापति का पद संभाला था।

अब उनके इस्तीफे के बाद परिषद की अगली कमान किसके हाथ में होगी, इस पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ विधान परिषद की कार्यवाही पर नजर रखने वालों की भी निगाहें टिकी हैं।

MLC चुनाव से पहले बदला समीकरण

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम भी घोषित हो चुका है। इन सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होना है।

ऐसे में सभापति पद में बदलाव और आने वाले विधान परिषद चुनाव, दोनों घटनाक्रम बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रामवचन राय को सभापति की जिम्मेदारी मिलती है या सत्तारूढ़ गठबंधन किसी दूसरे नाम पर मुहर लगाता है।