बिहार में कई डीएम बदले जाएंगे, इन जिलों में लंबे समय से तैनात हैं अफसर- सम्राट सरकार करेगी ताबड़तोड़ ट्रांसफर
विभागीय सूत्रों के अनुसार, सम्राट सरकार ने फैसला लिया है कि थाना, प्रखंड और अंचल स्तर तक की निगरानी मुख्यमंत्री सचिवालय के स्तर से होगी। ताकी आम नागरिकों के काम के प्रति अधिकारियों द्वारा किसी भी तरह की कोताही ना बरती जा सके। इसके लिए ग्राउंड स्तर पर सक्षम अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। जिन जिलों में अधिकारी जनता के कामों को सही ढंग से करने में असफल रहे हैं, उन्हें हटाकर दूसरे अफसर को वहां लगाया जाएगा। यह बदलाव खासकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) स्तर के अधिकारियों में होगा। इसके तहत कई जिलों में मौजूद डीएम को हटाकर उनकी जगह नए जिलाधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
बिहार में कुछ जिले ऐसे हैं जहां लंबे समय से जिलाधिकारियों का तबादला नहीं हुआ है। पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में 3 साल से डीएम नहीं बदला गया है। IAS सौरभ जोरवाल साल 2023 से यहां के जिलाधिकारी पद पर तैनात हैं। इसके अलावा, भागलपुर में नवल किशोर चौधरी, मुजफ्फरपुर में सुब्रत कुमार सेन, भोजपुर में तनय सुल्तानिया, जहानाबाद में अलंकृता पांडेय, किशनगंज में विशाल राज, नवादा में रवि प्रकाश, रोहतास (सासाराम) में उदिता सिंह, समस्तीपुर में रोशन कुशवाहा और सीतामढ़ी में रिची पांडेय साल 2024 से डीएम पद पर तैनात हैं।
बिहार में नई सरकार के गठन के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने आईएएस अधिकारियों की पोस्टिंग का ब्योरा लेना शुरू कर दिया है. खासकर आईएएस अधिकारियों की उपलब्धियों और कार्यक्षमता की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके आधार पर तबादले की तैयारी की जा रही है। जिन अफसरों का ट्रैक रिकॉर्ड ठीक नहीं होगा, उनका ट्रांसफर तय माना जा रहा है। प्रशासनिक फेरबदल सम्राट कैबिनेट के विस्तार के बाद होने की संभावना है।
बिहार को आगामी दो महीने के भीतर 16 नए आईएएस अधिकारी भी मिलने जा रहे हैं। ये बिहार प्रशासनिक सेवा (बिप्रसे) से भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रमोट होने वाले अधिकारी होंगे। बिहार में अभी आईएएस के 49 पद खाली हैं। वर्तमान में आईएएस अधिकारियों के कुल स्वीकृत पद 359 हैं, जिसके मुकाबले 310 अफसर ही तैनात हैं।







