गया नगर निगम में सशक्त स्थायी समिति की बैठक, दीपावली-छठ की तैयारियों सहित 21 एजेंडों पर हुई विस्तृत चर्चा के बाद निर्णय पारित
गयाजी: नगर निगम सभागार में मंगलवार को मेयर डॉ. वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में सशक्त स्थायी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक का संचालन समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने किया। बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार, समिति के सदस्य चुन्नू खां, तबसुम परवीन, उपेंद्र कुमार सिंह, सारिका वर्मा, कार्यपालक अभियंता सहित अन्य पदाधिकारी, जेई-एई मौजूद रहे।
बैठक में शहर के विकास, सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, दीपावली-छठ महापर्व की तैयारियां, पार्कों के जीर्णोद्धार और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में कुल 21 एजेंडों पर विस्तृत चर्चा के बाद निर्णय लिया गया।
शहर की सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम में सफाई वाहन, सफाई सामग्री एवं आधुनिक उपकरणों की खरीद का निर्णय लिया गया। इससे वार्डों में नियमित सफाई, कचरा उठाव और स्वच्छता कार्यों को गति मिलेगी। इसके अलावा वार्ड संख्या 1 से 53 तक खराब पड़े ट्राई साइकिल, लोहा ठेला और हाथ ठेला की खरीद पर निर्णय लिया गया, ताकि सफाईकर्मियों को काम करने में सहूलियत हो।
दीपावली और छठ महापर्व को लेकर विशेष सफाई व्यवस्था
दीपावली एवं छठ महापर्व को देखते हुए शहर में विशेष साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। छठ घाटों की सफाई, घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों की सफाई एवं समतलीकरण, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था और व्रतियों की सुविधा के लिए चेंजिंग रूम बनाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा प्रकाश व्यवस्था भी करायी जाएगी। इसके साथ ही प्रत्येक वार्ड में पांच-पांच अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती तथा छठ घाटों की सफाई के लिए अतिरिक्त मानव बल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
केदारनाथ मार्केट के अंदर होगी फल-सब्जी की बिक्री, सड़क पर दुकान लगाने पर लगेगा जुर्माना
शहर को अतिक्रमणमुक्त और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए केदारनाथ मार्केट के अंदर सब्जी एवं फल का कारोबार व्यवस्थित करने का निर्णय लिया गया। अब फल और सब्जी विक्रेताओं को मार्केट के अंदर दुकान लगाने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, निगम क्षेत्र की सड़कों पर दुकान लगाकर अतिक्रमण करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इससे सड़कों पर लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
गांधी मैदान और कंडी पार्क का संचालन वन विभाग से वापस लेगा निगम
बैठक में गांधी मैदान स्थित ओपन जिम पार्क और कंडी स्थित पार्क के रखरखाव का मामला भी उठा। नगर निगम इन दोनों पार्कों का संचालन वन विभाग से वापस लेने की पहल करेगा। समिति का मानना है कि इतने वर्षों से दोनों पार्कों का अपेक्षित जीर्णोद्धार और रखरखाव नहीं हो सका है। ऐसे में नगर निगम इनकी जिम्मेदारी अपने हाथों में लेकर पार्कों का विकास एवं सौंदर्यीकरण कराएगा।
नगर निगम में होम्योपैथिक डॉक्टर की होगी व्यवस्था, मुफ्त मिलेगी दवा
बैठक में समिति के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने सदन में बताया कि नगर निगम में अब अपना स्वास्थ्य व्यवस्था बहाल रहेगा। शहरवासियों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। नगर निगम में होम्योपैथिक चिकित्सक की सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। यहां लोगों को चिकित्सकीय परामर्श के साथ निःशुल्क होम्योपैथिक दवाइयां भी दी जाएंगी। इससे आम लोगों को निगम स्तर पर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
बैठक में पिछले बैठक की संपुष्टि, पूर्व में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा, सफाई वाहन के खरीद पर समीक्षा, सड़क, नाली एवं तालाब से जुड़े विकास कार्यों, सभी 53 वार्डों में आवश्यक कार्यों और नगर निगम के अन्य महत्वपूर्ण कार्यों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
सभी वार्डो में मिलेंगे अति आवश्यक कार्यों के लिए 10-12 लाख रुपए
सदन में समिति के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि एक से 53 वार्डों में अति आवश्यक कामों के लिए विभागीय दस-बारह लाख रुपए देने का निर्णय लिया गया। ताकि आवश्यक कार्य रोड-गली-नली निर्माण व मरमती, ढक्कन शीघ्र किया जा सके।
पीपीपी मोड पर विकसित होंगे जवाहरलाल टाउन हॉल और इंडोर स्टेडियम समेत पांच स्थल
शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों और नगर निगम की संपत्तियों को बेहतर उपयोग में लाने के उद्देश्य से नगर निगम ने पांच स्थलों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत इनडोर स्टेडियम, जवाहरलाल टाउन हॉल, आरएस लेमचूस फैक्ट्री के पास स्थित स्थल, जीआरडी तथा स्टेशन स्थित नगर निगम स्टोर को विकसित किया जाएगा।
नगर निगम की बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बनी। पीपीपी मोड के तहत निजी भागीदारी से इन स्थलों का विकास किया जाएगा, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सके और शहर में नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।







