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₹2,000 करोड़ का Mega Bridge! गंडक पर बनेगा 12 KM लंबा पुल, Bihar-UP का सफर होगा आसान

Bihar UP Border Bridge:  बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए गंडक नदी पर करीब 2,000 करोड़ रुपये की लागत से पुल-सह-सड़क परियोजना प्रस्तावित है. NH-727AA पर बनने वाले इस पुल की लंबाई करीब 12 किलोमीटर होगी, जबकि एप्रोच रोड समेत पूरी परियोजना करीब 29.5 किलोमीटर की होगी.
 
BIHAR UP POOL

Bihar UP Border Bridge:  बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने वाली एक बड़ी परियोजना जल्द ही धरातल पर उतर सकती है। गंडक नदी पर करीब 2,000 करोड़ रुपये की लागत से पुल-सह-सड़क परियोजना प्रस्तावित है। परियोजना को वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है और अब निर्माण कार्य शुरू करने के लिए केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है।

2000 करोड़ में गंडक नदी पर बनेगा पुल, बिहार के बेतिया से यूपी के गोरखपुर- कुशीनगर की दूरी घटेगी, Bihar Hindi News - Hindustan

यह महत्वाकांक्षी परियोजना नेशनल हाईवे-727AA (NH-727AA) पर प्रस्तावित है। इसके पूरा होने से बिहार के बेतिया से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, कुशीनगर और आसपास के इलाकों के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। साथ ही दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

12 किलोमीटर लंबा होगा गंडक पुल

प्रस्तावित पुल की लंबाई करीब 12 किलोमीटर बताई जा रही है। वहीं, एप्रोच रोड को शामिल करने के बाद पूरी परियोजना की लंबाई लगभग 29.5 किलोमीटर होगी।

यह पुल बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया स्थित मनुआपुल से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में तिवारीपट्टी-सेवराही के बीच प्रस्तावित है। निर्माण पूरा होने के बाद यह बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच एक महत्वपूर्ण नया संपर्क मार्ग बन सकता है।

करीब 2,000 करोड़ रुपये की लागत

इस सड़क-सह-पुल परियोजना पर करीब 2,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना को अक्टूबर 2025 में वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। अब निर्माण कार्य शुरू करने के लिए केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी आवश्यक है।

बताया जा रहा है कि परियोजना को जल्द मंजूरी दिलाने को लेकर बिहार के पथ निर्माण विभाग और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के बीच बातचीत हुई है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो सकता है।

HAM मॉडल के तहत होगा निर्माण

परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत प्रस्तावित है। इस मॉडल के अनुसार चयनित निर्माण एजेंसी परियोजना की लागत का करीब 60 प्रतिशत वहन करेगी, जबकि 40 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी।

निर्माण एजेंसी को पुल और इससे जुड़ी सड़क का करीब 15 वर्षों तक रखरखाव भी करना होगा। परियोजना के तहत टोल टैक्स के जरिए निर्माण एजेंसी की लागत की वसूली की व्यवस्था प्रस्तावित है।

बेतिया से गोरखपुर-कुशीनगर तक आसान होगा सफर

पुल के निर्माण से उत्तर बिहार और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण के लोगों को उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचने में सुविधा मिल सकती है।

खास तौर पर गोरखपुर, कुशीनगर, तमकुही राज और सेवराही जैसे क्षेत्रों के बीच आवागमन सुगम होने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी से सीमावर्ती इलाकों में व्यापार, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

कब शुरू होगा निर्माण?

की है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू करने के लिए केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद टेंडर और अन्य प्रक्रियाएं पूरी होने पर निर्माण कार्य आगे बढ़ सकेगा।