संस्कृति से विकास का संदेश- हरनौत में महायज्ञ से उठा शिक्षा और उद्यमिता क्रांति का आह्वान
कार्यक्रम में कहा गया कि बिहार सदियों से वेदांत दर्शन की भूमि रही है, जहां यह मान्यता रही है कि हर आत्मा में परमात्मा का अंश विद्यमान है। जब व्यक्ति सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ता है, तो वह आध्यात्मिक शक्ति से जुड़कर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है।
इस दौरान बाबा बख्तौर की कथा का जिक्र करते हुए बताया गया कि उनकी स्मृति हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने और साहस के साथ संघर्ष करने की प्रेरणा देती है।
Let’s Inspire Bihar अभियान के तहत लोगों से अपील की गई कि वे अपनी जड़ों और लोक परंपराओं से जुड़ें, ताकि पूर्वजों की सोच और मूल्यों को समझ सकें। साथ ही बिहार में शिक्षा और उद्यमिता की दिशा में योगदान देने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी रही और “यात्रा गतिमान है” के संदेश के साथ अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।







