दिव्यांगजन कल्याण और बाल संरक्षण पर सरकार का फोकस, मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
बैठक में समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव एच. आर. श्रीनिवास, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के निदेशक धर्मेंद्र कुमार, दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय के निदेशक योगेश कुमार सागर सहित विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
दत्तक ग्रहण को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश
समीक्षा के दौरान मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को लेकर आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस विषय पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि जरूरतमंद बच्चों को बेहतर भविष्य मिल सके और अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़ें।
बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर
बैठक में आफ्टरकेयर योजना की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि संरक्षण गृहों से बाहर निकलने वाले बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि बच्चों के पुनर्वास और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम समय पर उठाए जाएं।
दिव्यांगजनों को समय पर मिले योजनाओं का लाभ
बैठक में दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय के तहत संचालित राज्य एवं केंद्र प्रायोजित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि दिव्यांगजनों को मिलने वाली सुविधाएं और सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाएं तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो।
‘सम्बल’ योजना समेत कई योजनाओं की समीक्षा
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण छत्र योजना ‘सम्बल’ के तहत बैट्री चालित ट्राईसाइकिल एवं अन्य सहायक उपकरणों के वितरण की स्थिति पर चर्चा हुई। इसके साथ ही दिव्यांगजन सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना, विशेष विद्यालयों और विशेष गृहों के संचालन की भी समीक्षा की गई।
पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर
मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभागीय योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचे और हर कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो।
सरकार का संदेश साफ
समीक्षा बैठक के जरिए समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि बाल संरक्षण, सामाजिक सुरक्षा और दिव्यांगजन कल्याण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाया जा सके।







