भरत तिवारी एनकाउंटर के आरोपी DSP के तबादले पर मंत्री मदन सहनी ने उठाए सवाल, बोले- ‘जांच पूरी होने तक पोस्टिंग नहीं होनी चाहिए थी’
Darbhanga News: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में नामजद डीएसपी राजेश शर्मा के बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग में तबादले को लेकर अब सरकार के भीतर से ही सवाल उठने लगे हैं। विभागीय मंत्री मदन सहनी ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मामले की जांच पूरी होने से पहले ऐसे अधिकारी की इस विभाग में नियुक्ति उचित नहीं थी।
मदन सहनी ने कहा कि भोजपुर में हुआ भरत तिवारी एनकाउंटर सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बना था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए आयोग का गठन किया गया है और निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने कहा कि जब किसी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगे हों और मामला जांच के दायरे में हो, तब उसकी नई तैनाती पर सावधानी बरती जानी चाहिए। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि “ऐसी स्थिति में उस अधिकारी की इस विभाग में पोस्टिंग नहीं होनी चाहिए थी।”
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारियों का तबादला करना सरकार का विशेषाधिकार है। इसलिए वे इस फैसले पर अधिक टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन अपनी व्यक्तिगत राय जरूर रख रहे हैं।
मंत्री मदन सहनी के इस बयान के बाद डीएसपी राजेश शर्मा के तबादले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है। अब विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल खड़े कर सकता है, जबकि आयोग की जांच रिपोर्ट का सभी को इंतजार है।







