बिहार में मानसून का अलर्ट: 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, 20 जिलों में वज्रपात और तेज़ हवाओं का खतरा
Bihar Weather News: बिहार में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने रविवार को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज़ हवाओं की आशंका जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 17 जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि 20 जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज़ हवा चलने को लेकर विशेष चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि पटना, गया, नालंदा, नवादा, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, भागलपुर, बांका, किशनगंज, अररिया और पूर्णिया समेत कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही बिजली गिरने की घटनाओं की भी आशंका बनी हुई है। ऐसे में किसानों, खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों और यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्व और दक्षिण-मध्य बिहार के किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई, गया और नवादा जिलों में सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना जताई गई है।
वहीं, राज्य के पश्चिमी हिस्सों—बक्सर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद—में अपेक्षाकृत कम बारिश होने का अनुमान है। इन जिलों में उमस बनी रह सकती है और अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 48 घंटे तक बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। 18 जुलाई तक राज्य में 206.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 371.7 मिमी होनी चाहिए थी। यानी बिहार अब भी सामान्य से करीब 55 प्रतिशत कम बारिश का सामना कर रहा है। हालांकि, आने वाले दिनों में होने वाली तेज़ वर्षा से इस कमी में कुछ हद तक सुधार की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और वज्रपात के समय पेड़ों या खुले मैदानों में शरण न लें। प्रशासन को भी संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।







