बिहार में मानसून का दोहरा असर: उत्तर बिहार में बाढ़ का खतरा, दक्षिण में बारिश की कमी; वज्रपात से 5 की मौत
Bihar News: बिहार में मानसून का मिजाज इन दिनों दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर रहा है। जहां उत्तर बिहार के कई जिले भारी बारिश और संभावित बाढ़ की आशंका से जूझ रहे हैं, वहीं दक्षिण बिहार के कई इलाकों में अब भी सामान्य से कम बारिश होने के कारण लोगों की चिंता बनी हुई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।
बुधवार सुबह बगहा, बेतिया, रक्सौल और नालंदा में झमाझम बारिश दर्ज की गई, जबकि गोपालगंज में घने बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया। उधर, नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर बिहार की नदियों पर भी दिखने लगा है। कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे सीमावर्ती और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
इस बीच, आकाशीय बिजली ने भी कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में वज्रपात की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई। समस्तीपुर में ठनका गिरने से 14 वर्षीय रंजीत कुमार और कारी देवी की मौत हो गई, जबकि एक किशोर गंभीर रूप से झुलस गया। लखीसराय के हलसी में वज्रपात से दो लोगों की जान चली गई, वहीं गया जिले के शेरघाटी में स्कूल जा रहे 13 वर्षीय छात्र अंकुश राज की भी बिजली गिरने से मौत हो गई। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आपदा राहत सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मौसम विभाग ने 16 और 17 जुलाई के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। किशनगंज, कटिहार, अररिया और पश्चिम चंपारण में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं सुपौल, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, शिवहर और सीतामढ़ी में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा, बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है।
राजधानी पटना, नालंदा, वैशाली और गोपालगंज में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम बदलने के संकेत हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राज्य में मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। यही वजह है कि 14 जुलाई तक बिहार में सामान्य से लगभग 41 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। दक्षिण बिहार में बादल तो बने रहेंगे, लेकिन फिलहाल हल्की बारिश की ही संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। गरज-चमक शुरू होते ही सुरक्षित स्थान पर शरण लें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। आने वाले दो दिनों में मौसम का रुख और अधिक गंभीर हो सकता है, इसलिए प्रशासन ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।







