मोतीझील बनेगा मोतिहारी का ‘मरीन ड्राइव’! 14 करोड़ की मेगा परियोजना से बदलेगी शहर की सूरत
रोइंग क्लब और गायत्री मंदिर घाट पर आयोजित कार्यक्रम में सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह ने इस परियोजना की नींव रखी। उन्होंने कहा कि मोतीझील सिर्फ एक झील नहीं, बल्कि मोतिहारी की सांस्कृतिक विरासत और पहचान है, जिसे अब आधुनिक रूप देकर देश के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया जाएगा।
क्या-क्या बदलेगा?
इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत मोतीझील के आसपास कई अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसमें आकर्षक घाट, वॉकिंग ट्रैक, व्यू प्वाइंट, आधुनिक लाइटिंग, बोटिंग, रेस्टोरेंट, चिल्ड्रेन पार्क, सेल्फी प्वाइंट और पार्किंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
झील के दूसरे छोर पर गायत्री मंदिर के पास एक भव्य व्यू डेक बनाया जाएगा, जहां से पूरे मोतीझील का खूबसूरत नजारा देखा जा सकेगा।
लाइट और म्यूजिक शो बनेगा आकर्षण का केंद्र
परियोजना का सबसे खास हिस्सा होगा हाईटेक लाइट एंड म्यूजिक शो, जिस पर करीब 8.81 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस शो के जरिए मोतिहारी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को रोचक तरीके से पेश किया जाएगा।
स्वच्छता और हरियाली पर खास फोकस
झील के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि यह क्षेत्र साफ-सुथरा और हराभरा बना रहे।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
परियोजना पूरी होने के बाद मोतीझील न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए घूमने-फिरने का पसंदीदा स्थल बनेगा, बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा। इससे शहर की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।







