संगीत शिक्षक शून्य, 158 करोड़ के वाद्य-यंत्र खरीदे! तेजस्वी का NDA सरकार पर ‘भ्रष्टाचार का बाजा’ आरोप
तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि बिना शिक्षक के ये वाद्य-यंत्र स्कूलों में उपयोग के लिए नहीं, बल्कि “भ्रष्टाचार के म्यूजियम” में सजाने के लिए खरीदे गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि न तो शिक्षकों ने इन उपकरणों की मांग की थी और न ही उनके उपयोग के लिए कोई प्रशिक्षण दिया गया।
उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां शिक्षक अभ्यर्थी नौकरी के इंतजार में हैं, वहीं सरकार बिना जरूरत करोड़ों खर्च कर रही है। तेजस्वी ने दो-दो उपमुख्यमंत्रियों से जवाब मांगते हुए पूछा कि आखिर बिना शिक्षक के ये उपकरण किस काम के हैं?
अपने बयान में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और कमीशनखोरी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। तेजस्वी ने इसे जनता के साथ विश्वासघात बताते हुए कहा कि “सुशासन” का दावा करने वाली सरकार अब भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरती जा रही है।
इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।







