नालंदा में सिपाही की मौत का खुलासा: शराब तस्करों ने नहीं, साथी होमगार्ड की गोली से गई अजीत की जान
बिहार के नालंदा में उत्पाद विभाग के सिपाही अजीत कुमार की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सिपाही की मौत शराब तस्करों की गोली से नहीं, बल्कि उनके साथ मौजूद एक होमगार्ड जवान की राइफल से निकली गोली लगने के कारण हुई थी। घटना के बाद टीम ने शराब तस्करों की ओर से गोलीबारी किए जाने की कहानी बताई थी।
उत्पाद अधीक्षक संजय कुमार चौधरी ने बताया कि शराब तस्करों का पीछा करने के लिए की गई इस कार्रवाई की जानकारी जिले के वरीय अधिकारियों और स्थानीय थाने को नहीं दी गई थी। पटना मुख्यालय से आई एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो (EIB) की टीम में किसी सक्षम पदाधिकारी के बजाय केवल दो सिपाही शामिल थे।
जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान नालंदा में तैनात महिला दरोगा पुष्पा कुमारी, तीन स्थानीय होमगार्ड जवान और दो बाहरी जवान दो गाड़ियों में सवार होकर शराब तस्करों की गाड़ी का पीछा कर रहे थे।
शुरुआती जांच के अनुसार, तेज रफ्तार से भाग रही तस्करों की गाड़ी को रोकने के लिए एक होमगार्ड जवान ने अपनी मस्कट राइफल से फायरिंग की। हालांकि, गोली तस्करों की गाड़ी को नहीं लगी, बल्कि आगे चल रही उत्पाद विभाग की दूसरी गाड़ी में जा लगी। इसी गोली से सिपाही अजीत कुमार की मौके पर ही मौत हो गई।
मामले में टीम की अगुवाई कर रही महिला दरोगा पुष्पा कुमारी समेत चार पुलिसकर्मियों को हिरासत में लिया गया है। गोली चलाने वाले होमगार्ड जवान सहित अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया भी चल रही है।
विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। भीड़भाड़ वाले इलाके या भागती गाड़ी पर नियमों की अनदेखी कर गोली चलाने और वरीय अधिकारियों को कार्रवाई की जानकारी नहीं देने को लेकर जांच की जा रही है। अब इस मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका और कथित तौर पर बनाई गई फायरिंग की कहानी की भी पड़ताल की जा रही है।







