पटना में ‘प्लास्टिक वेल्थ मैनेजमेंट’ पर राष्ट्रीय सेमिनार, उद्योग जगत और विशेषज्ञों ने साझा किए नए विचार
Bihar News: प्लास्टिक कचरे के बेहतर प्रबंधन और इसके आर्थिक उपयोग की संभावनाओं को लेकर मंगलवार को पटना में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। Central Institute of Petrochemicals Engineering & Technology (CIPET) की ओर से “एमर्जिंग ट्रैंड्स इन प्लास्टिक वेल्थ मैनेजमेंट” विषय पर यह एकदिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उद्योग जगत, विशेषज्ञों और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

यह सेमिनार लेमन ट्री प्रिमियर होटल में आयोजित किया गया, जहां प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन, रिसाइक्लिंग तकनीक और उससे जुड़ी नई संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों और उद्योगों को यह समझाना था कि प्लास्टिक कचरा केवल समस्या नहीं, बल्कि सही प्रबंधन के जरिए यह एक महत्वपूर्ण संसाधन भी बन सकता है।
सेमिनार में बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के अध्यक्ष पी. के. अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बदलते समय के साथ उद्योगों को पर्यावरण के प्रति अधिक जिम्मेदार बनना होगा। प्लास्टिक के सही प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक लाभ के नए रास्ते भी खुल सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण, अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन और टिकाऊ औद्योगिक प्रक्रियाओं जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि यदि सरकार, उद्योग और समाज मिलकर काम करें तो प्लास्टिक कचरे को एक बड़े आर्थिक अवसर में बदला जा सकता है।
सेमिनार में मौजूद प्रतिभागियों ने भी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में नई तकनीकों और जागरूकता अभियानों की जरूरत पर बल दिया। आयोजकों के अनुसार इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सके।







