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भागलपुर में कुदरत का कहर: आधी रात की आंधी-बारिश ने मचाई तबाही, 7 की मौत, पूरा जिला अंधेरे में डूबा

 
भागलपुर में कुदरत का कहर: आधी रात की आंधी-बारिश ने मचाई तबाही, 7 की मौत, पूरा जिला अंधेरे में डूबा
Bhagalpur news: बिहार के भागलपुर जिले में सोमवार की रात आई भीषण आंधी और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी। देर रात अचानक बदले मौसम ने ऐसा विकराल रूप दिखाया कि कुछ ही घंटों में शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोगों के घायल होने की सूचना है।

जानकारी के अनुसार रात करीब 11:15 बजे शुरू हुई तेज आंधी की रफ्तार 80 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। तेज हवाओं के कारण हजारों पेड़ उखड़ गए, मकानों की छतें उड़ गईं और बिजली के खंभे धराशायी हो गए। कई स्थानों पर सड़कें पेड़ों और मलबे से पट गईं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।

मृतकों की मौत अलग-अलग हादसों में हुई है। कहीं पेड़ गिरने से लोगों ने जान गंवाई तो कहीं नाव हादसे और ऊंचाई से गिरने की घटनाएं सामने आईं। घटना के बाद पूरे जिले में शोक और दहशत का माहौल है।

आंधी का सबसे बड़ा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा। प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक 11 केवी और 33 केवी लाइनों के लगभग 277 बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई ट्रांसफॉर्मर भी पूरी तरह तबाह हो गए। गोराडीह रोड स्थित 132 केवी ट्रांसमिशन टावर गिरने से पूरे जिले में ब्लैकआउट जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण जलापूर्ति व्यवस्था भी चरमरा गई। कई मोहल्लों में लोगों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर जेनरेटर के सहारे पानी की आपूर्ति की गई, जबकि कई लोग पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आए।

वहीं, भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भी आंधी का असर देखने को मिला। अस्पताल परिसर में विशाल पेड़ गिरने से भवन के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा। हालांकि समय रहते मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

आंधी और बारिश ने कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। सबौर कृषि विश्वविद्यालय समेत कई इलाकों में खेतों, पॉलीहाउस और कृषि संरचनाओं को गंभीर क्षति पहुंची है। हजारों पेड़ों के गिरने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बाधित हो गया है। इसके साथ ही सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित होने से बाजार में कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है।

प्रशासन ने राहत और पुनर्वास कार्य तेज कर दिए हैं। बिजली विभाग, नगर निगम और आपदा प्रबंधन की टीमें युद्धस्तर पर बहाली कार्य में जुटी हुई हैं। उधर, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक मौसम खराब रहने और तेज हवा के साथ बारिश की संभावना जताई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

भागलपुर में आई इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रकृति का एक झटका भी सामान्य जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर सकता है। फिलहाल लोगों की निगाहें राहत और बहाली कार्यों पर टिकी हुई हैं।