NEET छात्रा मौत मामले में SIT ने फॉरेंसिक विभाग को सौंपे जरूरी दस्तावेज, अधूरी और देर से सौंपे जाने पर हो सकती है बड़ी गड़बड़ी...
NEET Student Death Case: डॉ. विनय कुमार ने बताया कि मेडिकल जांच पूरी तरह समय और उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित होती है. यदि रिकॉर्ड देर से या अधूरे मिलते हैं, तो जांच और रिव्यू प्रक्रिया प्रभावित होती है...
Jan 24, 2026, 16:40 IST
NEET Student Death Case: हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा से दुष्कर्म मामले में जांच में जुटी SIT की टीम ने पटना एम्स में जांच और मंतव्य लेने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत कुछ दस्तावेज सौंपे हैं.
ये दस्तावेज एम्स के फॉरेंसिक साइंस विभाग को दिए गए हैं. एम्स के निदेशक और अधीक्षक के निर्देश पर फॉरेंसिक साइंस विभाग के अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है.
इस मामले को लेकर एम्स में पहले ही एक विशेष टीम गठित की जा चुकी है. हालांकि SIT द्वारा दिए गए दस्तावेज अधूरे होने की वजह से जांच प्रक्रिया में फिलहाल बाधा आ रही है.
डॉ. विनय कुमार के अनुसार, एम्स द्वारा गठित टीम में कुल पांच विशेषज्ञ शामिल हैं. टीम का नेतृत्व फॉरेंसिक साइंस विभाग के HOD डॉ. विनय कुमार कर रहे हैं. टीम में फॉरेंसिक विभाग के दो डॉक्टरों के साथ-साथ गायनाकोलॉजी, न्यूरोलॉजी और रेडियोलॉजी विभाग से एक-एक विशेषज्ञ शामिल हैं. आवश्यकता पड़ने पर अन्य विशेषज्ञों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो सके.
डॉ. विनय कुमार ने बताया कि मेडिकल जांच पूरी तरह समय और उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित होती है. यदि रिकॉर्ड देर से या अधूरे मिलते हैं, तो जांच और रिव्यू प्रक्रिया प्रभावित होती है.
फिलहाल सभी दस्तावेजों की जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है. SIT की ओर से दस्तावेज क्रमशः उपलब्ध कराए जा रहे हैं.







