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पटना कॉलेज में BMC के नए बैच की हुई शुरुआत, विभागाध्यक्ष ने कहा- कॉलेज सभी बातों को लेकर है प्रतिबद्ध
 

पटना कॉलेज के स्नातक जनसंचार विभाग (बीएमसी) में नए बैच की शुरुआत हुई है। इसे लेकर सोमवार को इंडक्शन मीट का आयोजन किया गया। हिंदी विभाग की अध्यक्ष एवं बीएमसी की समन्वयक डॉ. कुमारी विभा ने नए बैच के छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं के बीच कॉलेज व विभाग, पाठ्यक्रम, परीक्षा, करियर व अनुशासन आदि को लेकर अपनी बात रखी। बता दें कि इस इंडक्शन मीट में हिंदी विभाग की शिक्षिका नम्रता कुमारी, जनसंचार विभाग के शिक्षक प्रशांत रवि, रचना सिंह एवं प्रशांत रंजन समेत विभिन्न सत्रों के विद्यार्थी मौजूद थे।

डॉ. विभा ने कहा कि नए बैच के छात्र-छात्राओं के मन में कॉलेज व विभाग को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं रहती हैं। लेकिन किसी प्रकार के डर अथवा शंका में रहने की आवश्यकता नहीं है। कहा, " कैंपस में अनुशासन हो चाहे पाठ्यक्रम कॉलेज सभी बातों को लेकर प्रतिबद्ध है। कोई भी समस्या होने पर आप नि:संकोच विभाग के शिक्षकों से अपनी बात कह सकते हैं। " उन्होंने बताया कि किस तरह आने वाले तीन साल इन छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन तीन सालों में विद्यार्थी बहुत कुछ सीखेंगे। 

वहीं बीएमसी कोर्स के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, " जनसंचार एक ऐसा विषय है, जिसमें अकादमिक शिक्षण के साथ-साथ व्यवहारिक अनुभव भी जरूरी है। अच्छी बात यह है कि विभाग में जो शिक्षक हैं, वह अपने-अपने क्षेत्र के पेशेवर भी हैं। इसलिए यहां विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल एक्सपोजर भी मिलता है। वहीं सेमेस्टर प्रणाली के तहत वर्ष में दो बार परीक्षाएं होतीं हैं। इसे देखते हुए तत्परता से पाठ्यक्रम को पूरा करने की आवश्यकता है।" 

वहीं विभाग में बतौर शिक्षक काम कर रहे डॉ. गौतम कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि नया बैच बीएमसी का 15 वां बैच है। इतने वर्षों में इस विभाग के छात्र-छात्रा देश के श्रेष्ठ मीडिया हाउस में अच्छे पदों पर कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त सरकारी सेवाओं में भी यहां के कई विद्यार्थियों का चयन हुआ है। विभाग के एक अन्य शिक्षक मुदसिर सिद्दीकी ने नए बैच के विद्यार्थियों को सिलेबस की जानकारी दी और वर्ग संचालन के समय आदि के संबंध में बताया। इस दौरान उन्होंने छात्रों के उपयोग में आने वाले कंप्यूटर लैब, कैमरे, लाइट व अन्य उपकरणों के बारे में भी बताया। साथ ही कहा कि आवश्यकता अनुसार इन सभी उपकरणों का उपयोग कर विद्यार्थी अपने कौशल को निखार सकते हैं।