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बिहार में गुड़ उद्योग को नई उड़ान: 25 अगस्त तक करें आवेदन, सरकार दे रही अनुदान और तकनीकी मदद

 
बिहार में गुड़ उद्योग को नई उड़ान

Patna: बिहार सरकार अब पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक के साथ नई पहचान देने में जुटी है। इसी कड़ी में गन्ना उद्योग विभाग ने "बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम" (वित्तीय वर्ष 2025-26) के तहत नए निवेशकों और किसानों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। आवेदन की आखिरी तारीख 25 अगस्त तय की गई है।

क्या है योजना का मकसद?

गुड़ उद्योग बिहार के कई इलाकों में लंबे समय से किसानों की रोज़ी-रोटी का सहारा रहा है, लेकिन समय के साथ इसकी तकनीक पुरानी हो गई। सरकार चाहती है कि गुड़ उत्पादन को संगठित, आधुनिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाए, ताकि यह सिर्फ गांव की पहचान नहीं बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बने।

कितना मिलेगा अनुदान?

इस योजना में गुड़ उत्पादन इकाई लगाने वालों को पूंजी लागत का 50% तक अनुदान मिलेगा। पेराई क्षमता के हिसाब से अधिकतम सहायता इस तरह तय की गई है:

  • 5–20 टन प्रतिदिन – ₹6 लाख तक
  • 21–40 टन प्रतिदिन – ₹15 लाख तक
  • 41–60 टन प्रतिदिन – ₹45 लाख तक
  • 60 टन से अधिक प्रतिदिन – ₹1 करोड़ तक

इसके अलावा, तकनीकी सहयोग, मशीनरी में सुधार, प्रशिक्षण और स्थानीय उत्पादकों को प्रोत्साहन भी योजना का हिस्सा है।

किसान और निवेशक कैसे करें आवेदन?

इच्छुक लोग ccs.bihar.gov.in पोर्टल पर जाकर 25 अगस्त 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना से जुड़ी जानकारी के लिए अपने जिले के गन्ना अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

किसानों के लिए खास प्रशिक्षण

योजना के तहत इस साल 50-50 किसानों के चार अलग-अलग समूहों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें आधुनिक तकनीक, उत्पादन बढ़ाने के तरीके और मार्केटिंग की जानकारी शामिल होगी।
अगर आप बिहार के किसान या निवेशक हैं, तो यह आपके लिए गुड़ उद्योग में सुनहरा मौका है न सिर्फ अपने बिज़नेस को बढ़ाने का, बल्कि आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण में भागीदार बनने का भी।