‘नई सरकार, नए समीकरण’: जदयू कोटे से विजय चौधरी और विजेंद्र यादव बने डिप्टी CM, बिहार की सियासत में संतुलन का संदेश
विजय चौधरी: संगठन से सरकार तक मजबूत पकड़
विजय कुमार चौधरी का राजनीतिक सफर अनुभव और संतुलन का उदाहरण माना जाता है। समस्तीपुर में जन्मे विजय चौधरी ने पटना यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के बाद कुछ समय बैंकिंग क्षेत्र में काम किया, लेकिन जल्द ही राजनीति की ओर रुख किया।
दलसिंहसराय से विधायक बनने के बाद उन्होंने लगातार अपनी पकड़ मजबूत की और जदयू में शामिल होना उनके करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। पार्टी प्रवक्ता से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक की भूमिका निभा चुके विजय चौधरी को साफ-सुथरी छवि और प्रशासनिक समझ के लिए जाना जाता है। नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी रहे विजय चौधरी अब नई सरकार में अहम भूमिका निभाने जा रहे हैं।
विजेंद्र यादव: ‘कोसी के चाणक्य’ की रणनीतिक ताकत
बिजेंद्र प्रसाद यादव को कोसी क्षेत्र की राजनीति का ‘चाणक्य’ कहा जाता है। 1990 से लगातार चुनाव जीतते आ रहे विजेंद्र यादव का जनाधार बेहद मजबूत माना जाता है।
सुपौल, सहरसा और मधेपुरा जैसे इलाकों में बिजली और बुनियादी ढांचे के विकास में उनकी अहम भूमिका रही है। कोसी क्षेत्र में उनकी पहचान एक विकासवादी और रणनीतिक नेता के रूप में स्थापित है। वे लंबे समय से नीतीश कुमार के भरोसेमंद सहयोगी रहे हैं।
गठबंधन संतुलन का संकेत
नई सरकार में इन दोनों नेताओं को डिप्टी CM बनाना सिर्फ पद वितरण नहीं, बल्कि एनडीए के भीतर संतुलन और अनुभव का संदेश भी है। एक तरफ प्रशासनिक अनुभव, तो दूसरी तरफ क्षेत्रीय पकड़ दोनों मिलकर सरकार को मजबूत आधार देने की कोशिश करेंगे।







