चुनावी मौसम में नीतीश सरकार का बड़ा दांव, मज़दूरों की न्यूनतम मज़दूरी बढ़ी
Patna Desk: बिहार में चुनावी सरगर्मी तेज़ होते ही सरकार ने श्रमिक वर्ग को राहत देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने न्यूनतम मज़दूरी दरों में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है। सरकार का दावा है कि यह फ़ैसला मज़दूरों के हित में है और इससे मेहनतकश तबके को महंगाई के दौर में थोड़ी राहत मिलेगी।
नई मज़दूरी दरें
नवीनतम अधिसूचना के अनुसार अब रोज़ाना की न्यूनतम मज़दूरी इस प्रकार होगी:
• अकुशल मज़दूर: ₹428
• अर्द्धकुशल मज़दूर: ₹444
• कुशल मज़दूर: ₹541
• अति-कुशल मज़दूर: ₹660
औसतन मज़दूरी दरों में 4 से 6 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। यह वृद्धि महंगाई भत्ते (DA) के तहत लागू होगी और कृषि, उद्योग से लेकर निर्माण कार्य तक सभी क्षेत्रों में अनिवार्य रहेगी।
नियोक्ताओं पर सख़्ती
वित्त विभाग की ओर से साफ़ कर दिया गया है कि जो भी नियोक्ता इस आदेश का पालन नहीं करेगा, उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी। विभाग की ज़िम्मेदारी है कि समय-समय पर मज़दूरी दरों की समीक्षा की जाए। अप्रैल 2025 में भी इसी तरह की बढ़ोतरी की गई थी।
सियासी मायने
चुनावी साल में यह कदम राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। विपक्ष लंबे समय से आरोप लगा रहा था कि मज़दूर वर्ग की अनदेखी हो रही है। अब नीतीश सरकार इस ऐलान के ज़रिए यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वह श्रमिकों के हितों के प्रति संवेदनशील है।
हालाँकि, विपक्ष यह मुद्दा ज़रूर उठाएगा कि महंगाई की तुलना में यह वृद्धि बहुत कम है और स्थायी रोज़गार व बेहतर कामकाजी हालात देने की बजाय केवल मज़दूरी दर बढ़ाना कितना कारगर साबित होगा, यह सवाल बना रहेगा।







