‘आरक्षण नहीं तो वोट नहीं’ का बिगुल, मुकेश सहनी का भाजपा पर बड़ा हमला; 2027 चुनाव से पहले दी सीधी चेतावनी
Bihar news: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में आयोजित संवाद कार्यक्रम के दौरान निषाद समाज के आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार को खुली चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिला, तो भाजपा को समाज का एक भी वोट नहीं मिलेगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने हाथ में गंगाजल लेकर “आरक्षण नहीं तो वोट नहीं” का संकल्प लिया। इस दौरान मुकेश सहनी ने इसे निषाद समाज के अधिकारों की लड़ाई बताते हुए इसे जनआंदोलन बनाने का ऐलान किया।
‘पूरे यूपी में चलाएंगे अभियान’
मुकेश सहनी ने कहा कि अगले तीन महीनों में उत्तर प्रदेश के गांव-गांव जाकर एक करोड़ से अधिक लोगों को गंगाजल हाथ में दिलाकर आरक्षण के समर्थन में संकल्प दिलाया जाएगा। उनका कहना था कि निषाद समाज अपने अधिकारों के लिए अब निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार है।
सरकार पर लगाए भेदभाव के आरोप
सहनी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और दिल्ली जैसे राज्यों में निषाद समाज को अनुसूचित जाति का लाभ मिल रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश में अब तक यह अधिकार नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रही है।
संजय निषाद पर भी साधा निशाना
वीआईपी प्रमुख ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मंत्री डॉ. संजय निषाद पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो नेता कभी समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ते थे, वे अब सत्ता में रहकर अपने वादे भूल चुके हैं। उन्होंने संजय निषाद से अपील की कि यदि वे वास्तव में समाज के हितैषी हैं तो सरकार पर आरक्षण लागू करने का दबाव बनाएं, अन्यथा मंत्री पद छोड़कर समाज के साथ आंदोलन में शामिल हों।
‘निषाद समाज अब अपने भविष्य के लिए वोट करेगा’
मुकेश सहनी ने निषाद समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समाज अन्याय के सामने कभी झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अब समाज किसी बहकावे में नहीं आएगा और अपने बच्चों के भविष्य तथा अधिकारों को ध्यान में रखकर मतदान करेगा।
2027 में सत्ता परिवर्तन का दावा
अपने संबोधन के अंत में सहनी ने दावा किया कि यदि चुनाव से पहले निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिला, तो 2027 का विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव लेकर आएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास अभी भी समय है कि वह अपना वादा पूरा करे, अन्यथा निषाद समाज लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि समाज की एकजुटता आने वाले चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएगी।







