अब जमीन सर्वे में नहीं चलेगी लापरवाही! पारदर्शिता और तय समयसीमा के साथ पूरा होगा बिहार का विशेष सर्वेक्षण अभियान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा कि बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त कार्यक्रम राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वे कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह अभियान सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आम लोगों के जमीन संबंधी अधिकारों को सुरक्षित और अपडेट करने का बड़ा माध्यम है। ऐसे में सभी पदाधिकारियों की जवाबदेही और तकनीकी दक्षता बेहद अहम है। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त अधिनियम 2011 और उससे जुड़े संशोधनों की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रपत्र-1 से 25 तक की प्रक्रिया, ग्राम अभिलेख संधारण, भूमि अभिलेख प्रबंधन और तकनीकी सर्वेक्षण प्रणाली पर विस्तार से जानकारी साझा की गई। अधिकारियों को भू-सर्वेक्षण सॉफ्टवेयर, आर-टू-आर सॉफ्टवेयर, भू-नक्शा प्रणाली, शिविर स्कैन रिपोर्ट और अन्य डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
इसके अलावा एमआईएस और सीवीएमएस प्रणाली के जरिए सर्वे कार्यों की निगरानी और रिपोर्टिंग प्रक्रिया को भी समझाया गया। विभागीय अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने विशेष सर्वेक्षण के दौरान आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर भी चर्चा की।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में औरंगाबाद, बेगूसराय, वैशाली, जहानाबाद, पूर्णिया, सुपौल, जमुई, सारण, रोहतास और नालंदा समेत कई जिलों के नव पदस्थापित बन्दोबस्त पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत और विशेष कार्य पदाधिकारी नवाज़िश अख्तर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।







