नगर निगम सशक्त स्थायी समिति चुनाव में पुराने चेहरों का दबदबा, दो नए सदस्यों की एंट्री से बदले समीकरण
Gaya: नगर निगम सशक्त स्थायी समिति के सात सदस्यों के चयन को लेकर हुए चुनाव में राजनीतिक सरगर्मी के बीच परिणाम घोषित कर दिए गए. इस प्रतिष्ठापूर्ण और अहम चुनाव में पांच पुराने सदस्यों ने दोबारा जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पकड़ साबित की, जबकि दो नए चेहरों ने समिति में जगह बनाकर सबका ध्यान आकर्षित किया.

चुनाव में पूर्व डिप्टी मेयर अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, विनोद प्रसाद यादव, चुन्नू खान, तबस्सुम परवीन और मनोज कुमार ने पुनः जीत हासिल की. वहीं सारिका वर्मा और उपेंद्र कुमार पहली बार सशक्त स्थायी समिति के सदस्य चुने गए. इस चुनाव में वार्ड संख्या-1 की पार्षद और पूर्व सदस्य स्वर्णलता वर्मा को हार का सामना करना पड़ा.

नगर निगम की इस महत्वपूर्ण समिति की सात सीटों के लिए कुल 14 प्रत्याशी मैदान में थे. मतदान से पहले कई दिनों तक पार्षदों के बीच संख्या बल और गुटीय समीकरण को लेकर जोरदार राजनीतिक हलचल देखी गई. चुनाव को सत्ता पक्ष की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा था, जिससे मुकाबला बेहद रोचक और कड़ा बन गया.
मतगणना पूरी होने और परिणाम घोषित होते ही विजयी उम्मीदवारों के समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला. परिणाम सामने आने के बाद विजयी सदस्यों को माला पहनाकर स्वागत किया गया और जिंदाबाद के नारे लगाए गए. मौके पर मौजूद नगर निगम के मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने सभी विजयी सदस्यों को मिठाई खिलाकर बधाई दी.

छह महीने में दिखेगा विकास: मोहन श्रीवास्तव
जीत के बाद पत्रकारों से बातचीत में निर्वाचित सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि अगले छह महीनों के भीतर शहर में व्यापक विकास कार्य नजर आएंगे. उन्होंने बताया कि गांधी मैदान में प्रदूषण नियंत्रण के लिए आधुनिक प्रदूषण मुक्त टावर लगाए जाएंगे. इसके साथ ही नगर निगम क्षेत्र के उन इलाकों में, जहां अब तक मैकेनिकल स्वीपिंग की व्यवस्था नहीं है, वहां एक महीने के भीतर सफाई व्यवस्था शुरू कराई जाएगी.
उन्होंने स्वच्छता सर्वेक्षण में गया को देश के टॉप-10 शहरों में शामिल कराने का लक्ष्य भी रखा. इसके अलावा शहर में आधुनिक बस स्टॉप, वार्ड स्तर पर पुस्तक भवन और गली-गली एलईडी लाइट लगाने जैसी योजनाओं को शीघ्र पूरा करने का दावा किया.
नगर निगम सशक्त स्थायी समिति के इस चुनाव परिणाम को आने वाले दिनों में शहर के विकास की दिशा तय करने वाला अहम कदम माना जा रहा है.







