अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर बोले डॉ. प्रेम कुमार, कहा- खेल जोड़ते हैं दुनिया, तोड़ते हैं भेदभाव की दीवारें
Bihar news: अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, वैश्विक मित्रता और स्वस्थ जीवनशैली का सशक्त आधार हैं। उन्होंने युवाओं से खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
रविवार को जारी अपने संदेश में डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस हर उम्र, वर्ग और लिंग के लोगों को बिना किसी भेदभाव के खेलों से जोड़ने और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है। यह दिवस ओलंपिक आंदोलन की एकता, खेल भावना और वैश्विक भाईचारे के संदेश को और मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की स्थापना वर्ष 1894 में पियरे डी कूबर्टिन द्वारा की गई थी। यह संस्था विश्व के सबसे बड़े खेल महाकुंभ ओलंपिक खेलों का आयोजन करती है। इस दिवस का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना और ‘स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन’ की अवधारणा को लोकप्रिय बनाना है।
डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि वर्ष 2026 के अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस की थीम “खेल: सेतु निर्माण, बाधाएं तोड़ना” है। यह थीम खेलों के माध्यम से लोगों को जोड़ने, शांति को बढ़ावा देने और एक समावेशी समाज के निर्माण का संदेश देती है।
उन्होंने कहा कि खेल सामाजिक दूरी को कम करने, आपसी सौहार्द बढ़ाने और एक बेहतर समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में युवाओं को खेलों से जुड़कर न केवल अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाना चाहिए, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।







