सत्ता से बाहर, सड़क पर उतरेंगे नीतीश! ‘पूर्व मुख्यमंत्री’ के नए अवतार में बिहार दौरे की तैयारी
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार के अनुसार, यह यात्रा सिर्फ औपचारिक नहीं होगी, बल्कि इसका मकसद सीधे जनता से संवाद कर उनकी राय जानना और भविष्य की राजनीति की दिशा तय करना है।
पहली बार बदले रोल में मैदान में उतरेंगे नीतीश
राजनीतिक सफर में यह पहला मौका होगा जब नीतीश कुमार ‘पूर्व मुख्यमंत्री’ के रूप में पूरे बिहार का दौरा करेंगे। अब तक उनकी सभी यात्राएं सत्ता में रहते हुए हुई थीं, लेकिन इस बार वे पूरी तरह एक राजनीतिक नेता के तौर पर जनता के बीच जाएंगे। इसे उनके राजनीतिक करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
16 यात्राओं का अनुभव, फिर नई रणनीति
नीतीश कुमार इससे पहले ‘न्याय यात्रा’, ‘विकास यात्रा’, ‘सेवा यात्रा’ और ‘समाधान यात्रा’ जैसी कई यात्राओं के जरिए जनता से जुड़ते रहे हैं। 2005 से लेकर अब तक उनकी 16 यात्राएं हो चुकी हैं, जिनका सीधा असर राज्य की राजनीति पर देखने को मिला है।
सियासी मायने गहरे
राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह यात्रा सिर्फ जनसंपर्क अभियान नहीं, बल्कि खोई हुई राजनीतिक पकड़ को मजबूत करने की बड़ी कोशिश है। विपक्ष के हमलों और बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच यह दौरा आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि नीतीश कुमार इस बार किस नाम और किस रणनीति के साथ जनता के बीच उतरते हैं-क्योंकि बिहार की सियासत में उनकी हर चाल एक नया समीकरण बना देती है।







