बिहार में शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया तेज, दो दिन में 22 हजार से अधिक आवेदन; 5.80 लाख शिक्षकों को मिलेगा लाभ
Patna: बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या को संतुलित करने और जरूरत के अनुसार पदस्थापन सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा विभाग द्वारा लागू ‘बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026’ के तहत ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू होते ही शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। 29 जुलाई को ई-शिक्षाकोष पोर्टल शुरू होने के बाद पहले दो दिनों में ही 22,591 अधिशेष (सरप्लस) शिक्षकों ने आवेदन प्रक्रिया में भाग लिया। इनमें 14,796 शिक्षकों ने आवेदन अंतिम रूप से जमा कर दिया, जबकि 7,795 आवेदन अभी ड्राफ्ट मोड में हैं। वहीं पारस्परिक (म्यूचुअल) स्थानांतरण के लिए भी 2,142 शिक्षकों ने आवेदन किया है।
शिक्षा विभाग का दावा है कि नई स्थानांतरण नीति से राज्य के करीब 5.80 लाख शिक्षकों को लाभ मिलेगा। लंबे समय से कई स्कूलों में शिक्षकों की संख्या आवश्यकता से अधिक थी, जबकि अनेक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी बनी हुई थी। इसी असंतुलन को दूर करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है।
राज्य में एक लाख से अधिक शिक्षक हैं सरप्लस
विभाग के आंकड़ों के अनुसार बिहार में फिलहाल 1,06,788 शिक्षक स्वीकृत पदों की तुलना में अधिक हैं। इनमें प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 1 से 5) में 65,413, माध्यमिक विद्यालयों (कक्षा 9-10) में 16,400 और उच्च माध्यमिक विद्यालयों (कक्षा 11-12) में 14,500 शिक्षक अधिशेष हैं। सरकार का लक्ष्य प्राथमिक स्तर पर प्रति 30 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक उपलब्ध कराना है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अररिया, जमुई और पूर्णिया जैसे जिलों में प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों की कमी बनी हुई है। इन जिलों में नई रिक्तियां सृजित कर शिक्षकों की तैनाती की जाएगी, जबकि जिन जिलों में शिक्षक अधिक हैं, वहां से जरूरत वाले क्षेत्रों में समायोजन किया जाएगा।
महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग व्यवस्था
नई नीति के तहत प्रत्येक शिक्षक को 30 विद्यालयों का विकल्प चुनने की सुविधा दी गई है। महिला शिक्षकों को उनके वर्तमान पंचायत से सटे पंचायत क्षेत्र में पदस्थापित करने का प्रावधान किया गया है। वहीं पुरुष शिक्षकों को वर्तमान प्रखंड के अलावा आसपास के चार अन्य प्रखंडों का विकल्प मिलेगा।
शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया स्वैच्छिक होगी। यानी केवल वही शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल होंगे, जो स्वयं आवेदन करेंगे। बिना आवेदन किए किसी शिक्षक का तबादला नहीं किया जाएगा।
हेल्पलाइन जारी, हर दो दिन पर होगी समीक्षा
ऑनलाइन आवेदन के दौरान शिक्षकों को किसी प्रकार की तकनीकी परेशानी न हो, इसके लिए विभाग ने कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और ई-शिक्षाकोष हेल्प डेस्क को सक्रिय कर दिया है। शिक्षक टोल फ्री नंबर 14417 और 1800-345-4417 के अलावा 9523300520 तथा 9430820499 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
शिक्षा विभाग ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया की हर दो दिन में समीक्षा की जाएगी। शिक्षकों से प्राप्त सुझावों और फीडबैक के आधार पर आवश्यक सुधार भी किए जाएंगे, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनी रहे।







