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केंद्र की राशि अटकी, बिहार में पीएम आवास योजना की रफ्तार थमी- 9 लाख से ज्यादा घर रह गए अधूरे

 
Pm awas yojna

Bihar news: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बिहार में गरीब परिवारों को पक्का घर देने की योजना फिलहाल मुश्किल में फंस गई है। केंद्र सरकार से समय पर राशि नहीं मिलने की वजह से राज्य में 9 लाख से अधिक घरों का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। इससे लाखों जरूरतमंद परिवार अपने घर का इंतजार कर रहे हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बिहार में कुल 12 लाख 20 हजार आवास बनाने का लक्ष्य तय किया गया था। लेकिन अब तक सिर्फ 2 लाख 85 हजार घर ही पूरे हो पाए हैं। ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले करीब पांच महीनों से केंद्र की ओर से कोई नई राशि नहीं आई है, इसी कारण निर्माण कार्य की गति काफी धीमी हो गई है।

राज्य सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया था कि पुरानी व्यवस्था के तहत मार्च 2026 तक भुगतान किया जाए, लेकिन केंद्र सरकार इसके लिए तैयार नहीं हुई। केंद्र का कहना है कि अब आवास योजना की राशि नई व्यवस्था से ही दी जाएगी। इस नई प्रणाली में पैसे सीधे भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के जरिए लाभुकों के खातों में भेजे जाएंगे। पहले राशि राज्य सरकार के माध्यम से दूसरे बैंक में जाती थी और फिर लाभार्थियों तक पहुंचती थी।

फिलहाल इस नई व्यवस्था को लागू करने की तकनीकी तैयारी की जा रही है। एनआईसी (नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर) इस सिस्टम को तैयार कर रहा है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक भुगतान अटका रहेगा।

जानकारी के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 में केंद्र सरकार ने दो बार मिलाकर करीब 7 लाख घरों की स्वीकृति दी थी। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल महीने में साढ़े पांच लाख और आवासों को मंजूरी मिली। वर्तमान में राज्य के 12 लाख 20 हजार लाभुकों को घर बनाने के लिए राशि स्वीकृत है।

अब तक 11 लाख 35 हजार लोगों को पहली किस्त, 7 लाख 47 हजार को दूसरी किस्त और 3 लाख 27 हजार लाभुकों को तीसरी किस्त दी जा चुकी है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में घर अधूरे हैं, क्योंकि आगे की राशि समय पर नहीं मिल पा रही है।

ग्रामीण इलाकों में लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही भुगतान की समस्या सुलझे और अधूरे घरों का काम फिर से शुरू हो सके। जब तक केंद्र से राशि नहीं आती, तब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ ज़मीन पर पूरी तरह दिखना मुश्किल नजर आ रहा है।