बिहार विधानसभा के बजट सत्र से पहले दलीय नेताओं की बैठक, शांतिपूर्ण संचालन पर बनी सहमति
Patna Desk: 02 फरवरी 2026 से शुरू होने वाले अष्टादश बिहार विधानसभा के द्वितीय सत्र को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सत्र के सुचारू और शांतिपूर्ण संचालन के उद्देश्य से शुक्रवार को बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में विधानसभा परिसर में दलीय नेताओं की अहम बैठक आयोजित की गई।
सकारात्मक माहौल में सत्र चलाने की अपील
बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि सत्र तभी सफल होगा जब सदन व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से चले। उन्होंने विश्वास जताया कि सत्ता पक्ष और विपक्ष मिलकर जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करेंगे और जनता से जुड़े मामलों का समाधान निकालेंगे।
उन्होंने सभी दलों से नियमों और परंपराओं के तहत सदन की कार्यवाही में सहयोग करने और प्रश्नकाल को बाधित न होने देने की अपील की।
7 फरवरी को विधानसभा स्थापना दिवस
अध्यक्ष ने दलीय नेताओं को बताया कि 07 फरवरी को बिहार विधानसभा भवन का स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर सेन्ट्रल हॉल में दोनों सदनों के सदस्यों की मौजूदगी में एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा के उपसभापति और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
उन्होंने सभी दलों के नेताओं से अपने-अपने विधायकों के साथ कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया।
शून्यकाल को ऑनलाइन करने पर बनी सहमति
बैठक में अध्यक्ष ने शून्यकाल को ऑनलाइन किए जाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इससे विधायकों को सूचना देने के लिए बार-बार भौतिक रूप से उपस्थित रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय की भी बचत होगी। इस प्रस्ताव पर सभी दलीय नेताओं ने सहमति जताई।
सदन के संचालन में सहयोग का भरोसा
पक्ष और विपक्ष के सभी नेताओं ने सत्र के दौरान सदन को व्यवस्थित ढंग से चलाने में अध्यक्ष को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
इस बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, ऊर्जा, योजना एवं विकास, वित्त एवं वाणिज्य कर मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार समेत कई विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही विधानसभा की प्रभारी सचिव डॉ. ख्याति सिंह और सचिवालय के वरीय पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।







